सोमवार दोपहर 2 बजे चक्का दा बाग की राह-ए-मिलन खोली गई। पुंछ रावलाकोट बस में सवार होकर पांच भारतीय नागरिक पहली बार उस पार बसे रिश्तेदारों से मिलने गए, जबकि 109 पीओके नागरिक भारत में अपने रिश्तेदारों के पास एक महीना बिताकर अपने वतन लौटे।
उस पार से रावलाकोट पुंछ बस में सवार होकर 94 लोग राह-ए-मिलन पार कर भारतीय क्षेत्र में पहुंचे। इसमें 75 पीओके नागरिक पहली बार भारत में बसे अपने रिश्तेदाराें से मिलने के लिए इस पार पहुंचे, जबकि 17 भारतीय नागरिक पीओके में बसे अपने रिश्तेदारों के पास एक महीना बिताकर वतन लौटे।
इससे पूर्व सोमवार सुबह 9 बजे से पुंछ नगर के स्पोर्ट्स स्टेडियम में बड़ा ही मार्मिक दृश्य देखने को मिला, जहां पुंछ रावलाकोट बस से पीओके जाने वाले नागरिकों को उनके रिश्तेदार नम आंखों से विदाई दे रहे थे।