सामाजिक संगठन पुंछ डेवलपमेंट फोरम के सदस्यों ने पुंछ विकास प्राधिकरण और पर्यटन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केवल बडे़ बडे़ बोर्ड लगाने के अलावा संबधित विभागों ने ऐतिहासिक किले के लिए कुछ नहीं किया। वर्षों बाद भी किले के आसपास से न तो अतिक्त्रस्मण ही हटाया गया है और न ही अवैध निर्माणों पर रोक
लगाई है।
वीरवार को नीशू शर्मा, सुनील कुमार, अनिल शर्मा, इम्तेयाज अहमद आदि की अगुवाई में दर्जनों की संख्या में पुंछ एनजीओ के सदस्य पुंछ किले के पास एकत्र हुए।
उन्होंने पुंछ विकास प्राधिकरण और पर्यटन विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन शुरू किया। करीब दो घंटों तक चले इस प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि अपने गठन के उपरांत ही पुंछ विकास प्राधिकरण ने पुंछ किले को एतिहासिक संरक्षित इमारत की श्रेणी में लाते हुए इसके संरक्षण का काम शुरू करवाया था।
किले के एक हिस्से का पुन: निर्माण कार्य करीब दो करोड़ रुपये में करवाया था। साथ ही प्राधिकरण ने किले के दो सौ मीटर क्षेत्रफल में किसी भी प्रकार के नए निर्माण पर रोक लगाने के आदेश जारी करते हुए बड़े-बड़े बोर्ड लगवाए थे।
किले के आसपास हुए अतिक्रमण को हटाने के निर्देश भी दिए थे, लेकिन आज वर्षों बाद भी न तो किले का पूरा पुन: निर्माण नहीं हो पाया है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर विभाग ने जल्दी किले के आसपास होने वाले अवैध निर्माण को नहीं रोका तो संगठन विभाग के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करेगा।
प्रदर्शनकारियों कहना था कि पर्यटन विभाग अगर इन समस्याओं पर ध्यान नहीं देगा तो जिले का विकास नहीं हो पाएगा। पर्यटन को बढ़ावा नहीं िमलेगा।