पुंछ। खुदा करे हमारी फौज को भाटादूड़ियां में कामयाबी मिल जाए। ताकि हम भी अमन से गुजर बसर करें। फौज को भी कुछ आराम मिले।
यह कहना है मेंढर के भाटादूड़ियां क्षेत्र ने नाढ़खास जंगल के आसपास बसने वाले लोगों का, जो दो दिन से एक बार फिर क्षेत्र में बने असामान्य हालात और रात भर रुक-रुक कर होने वाली गोलाबारी से परेशान एवं डरे सहमे हैं। इन लोगों का कहना है कि पिछले साल भी हम लोगों ने करीब एक महीना इसी प्रकार डर-डर कर बिताने पड़े थे। जब क्षेत्र में 22 दिनों तक आतंकियों और सुरक्षा बलों में मुठभेड़ चली थी। अब वीरवार से हमारे लिए वही पुराने दिन लौट आए हैं। जब हम लोग शाम ढलते ही अपने घर बंद कर उनमें कैद हो जाते थे। हर दिन होने वाली गोलाबारी के चलते हमने कई दिनों तक घरों के बच्चों और महिलाओं को दूसरे गांव में रिश्तेदारोें के घरों में छोड़ रखा था। इसलिए अब हम ऊपर वाले से खुदा दुआ करते हैं कि इस बार फौज को इस भाटादूड़ियां में नाढ़खास के जंगलों में कामयाबी मिल जाए और यह ऑपरेशन जल्दी खत्म हो जाए। हमें इस बार अपने बच्चों व औरतों को फिर से बेघर न करना पड़े। क्योंकि जिस तरह कल शाम से ही एक बार फिर क्षेत्र में गोलाबारी शुरू हो जाने के कारण हम अंधेरा होने के पहले ही घरों में बंद हो गए थे, आज भी फिर से गोलाबारी शुरू हो गई है। ऐसे में हमें घरों में ही बंद होना पड़ेगा, क्योंकि हमें इस बात का डर सताता रहता है कि कहीं जंगल में छुपा कोई आतंकी जान बचाने के लिए भाग कर हमारे घर में ही न घुस जाए। अगर फौज को जल्दी कामयाबी मिल जाती है तो आगे कोई आतंकी इस जंगल में घुसने की हिम्मत नहीं करेगा।