पुंछ जिले के गांव खड़ी करमड़ा में शहनाज अख्तर का पाकिस्तानी गोलाबारी से क्षतिग्रस्त मकान पांच म
प्रशासन ने गत दिनों एचआरडीसी इंडिया के साथ किया है समझाैता
पुंछ। पाकिस्तानी गोलाबारी, बाढ़ और आतंक पीड़ितों को तीन कमरों वाला घर दिए जाने को लेकर प्रशासन और एक एचआरडीसी कंपनी के बीच हुए समझाैते से जिले के लोगों में खुशी है। पीड़ितों को अब अपनी छत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। समझाैते के तहत 1500 स्मार्ट घर बनाए जाएंगे।
पुंछ में ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी गोलाबारी में भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा और पुंछ नगर सहित जिले में 300 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए थे जबकि 16 लोगों की मौत हो गई थी। अब उपराज्यपाल की माैजूदगी में 1500 घर बनाने के समझाैता पत्र पर हस्ताक्षर ने लोगों की उम्मीदों को नए सिरे से जिंदा कर दिया है।
भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा के गांव खड़ी करमाड़ा के गोलाबारी पीड़ितों मोहम्मद शरीफ, शहनाज अख्तर और सैद बी का कहना है कि गोलाबारी में हमारा सब कुछ बर्बाद हो गया था। अब उपराज्यपाल ने हमारे लिए मकान बनाने की बात कही है जिसकी हमें बहुत खुशी है। बस हम इतना चाहते हैं कि हमारे लिए जल्दी मकान बनाए जाएं। सर्दी शुरू होने से पहले एक कमरा ही बन जाए तो हम ठंड से बच सकते हैं। पुंछ नगर निवासी सुरजन सिंह का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी गोलाबारी ने पुंछ में बहुत तबाही मचाई लेकिन जिस प्रकार केंद्र सरकार ने हमारा मनोबल बढ़ाया है हम इसके लिए सरकार के आभारी हैं।