धूमधाम से मनाया गया 76वां पुंछ लिंकअप दिवस, रंंगारंग कार्यक्रम भी हुए प्रस्तुत
लोगों को दास्तान-ए-पुंछ का वृत्तचित्र दिखाया, आजादी को दर्शाता नाटक किया प्रस्तुत
संवाद न्यूज एजेंसी
पुंछ। पुंछ का जश्न-ए-आजादी 76वां पुंछ लिंक अप दिवस बुधवार को सेना और आवाम ने धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर सर्वप्रथम नमन स्थल पर शहीदों को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। फिर नाटो ऑडिटोरियम में रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता पुंछ ब्रिगेड के कार्यकारी कमांडर मनीश राणा और उपायुक्त पुंछ यासीन मोहम्मद चौधरी ने की। जबकि, सेना की 25 इंफैंट्री डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल गौरव ऋषि मुख्यातिथि रहे। उन्होंने लोगों से भाईचारा कायम रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर समां बांधा। लोगों को पहली बार पुंछ पर कबाइली हमले और पुंछ लिंक अप पर बनाया गया वृत्तचित्र दास्तान-ए-पुंछ दिखाया गया। साथ ही डिग्री कॉलेज पुंछ के बच्चों ने पुंछ की आजादी पर तैयार नाटक का मंचन किया। जिसमें दिखाया गया कि किस प्रकार पूरा देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ, और स्वायत्त राज्य पुंछ पर पाकिस्तानी सेना और कबाइलियों ने हमला कर कब्जा जमा लिया। कश्मीर से उड़ी के रास्ते भारतीय सेना की एक टुकड़ी ब्रिगेडियर प्रीतम सिंह की अगुवाई में पुंछ नगर पहुंचने में सफल रही, जिसने पुंछ के लोगों और पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र से आए शरणार्थियों के सहयोग से 22 नवंबर 1948 को पुंछ को आजाद करवाने के साथ राजोरी के रास्ते आई भारतीय सेना की अन्य टुकड़ियों के साथ लिंक अप करते हुए पुंछ को भारत का अभिन्न अंग बनाया था।
इस अवसर पर मुख्यातिथि रहे जीओसी ने पुंछ के गांव दिगवार निवासी सेवानिवृत्त हवलदार मंगतराम को शॉल भेंट कर सम्मानित किया। मंगतराम कबाइली हमले एवं पुंछ लिंकअप के एक मात्र जीवित साक्षी हैं, जो काफी समय तक पाकिस्तानी सेना के बंदी भी रहे थे। जीओसी ने लोगों से दास्तान-ए-पुंछ को करीब से जानने और इसे पूरे देश तक पहुंचाने का आह्वान किया।