सोमवार को 1947 के पीओके रिफ्यूजियों ने अपनी बरसों से लंबित पड़ी मांगों को लेकर जिला विकास आयुक्त पुंछ कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। इस अवसर पर रिफ्यूजियों ने पिछले सत्तर वर्षों से उनकी अनदेखी के लिए केंद्र और राज्य सरकारों की आलोचना की।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एडवोकेट चमनलाल शर्मा ने राज्य भर के रिफ्यूजियों का आह्वान किया कि वे संसद से सड़क तक की लड़ाई के लिए तैयार रहें, क्योंकि अब अपनी मांगे पूरी करवाने के लिए हमें कड़े कदम उठाने पड़ेंगे।
सोमवार की सुबह करीब 9 बजे नगर स्थित कृष्णचन्द्र पार्क में रिफ्यूजी विकास मंच के आह्वान पर बड़ी संख्या में 1947 के पीओके से आए रिफ्यूजी परिवारों के सदस्य एकत्र हुए।
यहां से उन्होंने विकास मंच के पदाधिकारियों जिला प्रधान एडवोकेट चमनलाल शर्मा, लक्ष्मी चंद शास्त्री, नार सिंह, सोहन सिंह, तीर्थराज आदि की अगुवाई में जुलूस निकाला। दस बजे जुलूस जिला विकास आयुक्त कार्यालय पर पहुंचा।
यहां रिफ्यूजियों ने अपनी मांगों वन टाइम सेटलमेंट, पीओके में छूटी संपत्ति का प्रत्येक परिवार को कम से कम 25 लाख रुपये मुआवजा देने, रिफ्यूजियों की समस्याओं को हल करने के लिए रिफ्यूजी विकास सलाहकार बोर्ड का गठन करने, जिन जमीनों एवं मकानों पर रिफ्यूजी परिवार रह रहे हैं या जो जमीने उन्हें अलाट हुई हैं, उनका मालिकाना हक देने और विधानसभा में आरक्षित सभी 24 सीटें रिफ्यूजियों को देने को लेकर दिनभर धरना-प्रदर्शन किया।