केंद्रीय वित्ती मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किए गए आम बजट पर क्षेत्र में मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। बजट में घोषणाओं से किसानों और महिलाओं में खुशी है।
बजट में किसानों की आय दोगुनी किए जाने को लेकर पुंछ के किसानों गुरविन्दर सिंह, नन्नागिल, मोहमद जबीर का कहना है कि आज देश का किसान खून पसीना बहाकर भी अपने परिवार पेट का नहीं पाल पा रहा है।
किसानों को मेहनत के बाद भी कुछ भी हासिल नहीं होता है। इस बार के बजट में किसानों की आय बढ़ने की बात रखे जाने पर आशा की किरण जगी है। अगर केंद्र सरकार इस काम को करने में सफल रहे तो बड़ी सफलता होगी।
सभी बीपीएल परिवारों को रसोई गैस उपलब्ध करने के लिए दो हजार करोड़ रुपये रखे जाने को सही कदम बताते हुए रुकसाना कौसर का कहना है कि यह एक अच्छा कदम है।
पांच वर्षों में सभी गरीब परिवारों को रसोई गैस उपलब्ध कराने का प्रावधान रखे जाने से यह बजट गरीबों के हित में है। धूम्रपान की वस्तुओं पर शुल्क 10 से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने को भी महिलाओं ने सही कदम बताता है। उन्होंने का कि धूम्रपान को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाना चाहिए।
स्वास्थ्य बीमा प्रति परिवार एक लाख किए जाने की भी लोगों द्वारा तारीफ की जा रही है। जेनेरिक दवाइयों के तीन सौ नए स्टोर खोलने की घोषणा को भी पुंछ के लोगों द्वारा लोक हित में बताया है।
इम्तियाज अहमद, रसमीत सिंह, अनिल कुमार का कहना है कि बजट में अलग से एससी-एसटी युवाओं के लिए पांच करोड़ रुपये एंटरनशिप रखे हैं जो इस बात को दर्शाता है कि यह सरकार देश के युवाओं को जाति के आधार पर बांटने में पीछे नहीं है।