पुंछ जिले के हिलकाका में शहीद दिवस के अवसर पर श्रद्धांजल देते सैन्य अधकारी।
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पुंछ। सेना की रोमियो फोर्स ने जिले की सुरनकोट तहसील में पीरपांचाल के पहाड़ों में स्थित जिले के सबसे दूरदराज के गांव हिलकाका में शहीदी दिवस समारोह का आयोजन किया। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों, रोमियो फोर्स के जवानों और अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रोमियो फोर्स के जीओसी पीएस बाजवा, छह सेक्टर कमांडर एसएस कार्तिक ने की जबकि कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल परमजीत सिंह मुख्य अतिथि रहे।
वीरवार को हुए आयोजन के दौरान सबसे पहले आतंकवाद के खात्मे के लिए वर्ष 2002 में सेना की तरफ से चलाए गए आपरेशन सर्प विनाश के दौरान आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद होने वाले जवानों और स्थानीय नागरिकों को श्रद्धांजलि दी गई। रोमियो फोर्स की तरफ से पहली बार इतने दूरदराज इलाके में खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन करवाया। इसके बाद विजेता एवं उप विजेताओं में मुख्य अतिथि ने स्मृति चिह्न और नकद पुरस्कार भी वितरित किया गया। कोर कमांडर परमजीत सिंह ने कहा कि हिलकाका और उसके आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के सभी आभारी हैं। उनके सहयोग से इस क्षेत्र से आतंकवाद का खात्मा किया गया। हिलकाका के निवासियों मोहम्मद फारूक, नूर हुसैन ने बताया कि पुंछ जिले का हिलकाका वह क्षेत्र है जहां पर वर्ष 2000 से पहले पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने अपनी सत्ता स्थापित कर रखी थी। जहां पाकिस्तान से आने वाले आतंकवादी कश्मीर जाने के पहले कई दिनों तक डेरा डालते थे। इसके अलावा इलाके के बच्चों को हथियार चलाने के बारे में बताया थे। आतंकियों के इस गढ़ के बारे में जानकारी मिलने के बाद सेना ने 2000 में आतंकियों के सफाए के लिए आपरेशन सर्प विनाश शुरू किया। इसमें स्थानीय गुज्जर समुदाय के लोगों ने जिले की पहली ग्राम सुरक्षा समिति गठित कर सेना के साथ मिल कर सौ से अधिक आतंकवादियों का सफाया किया था। इसमें कुछ जवानों और ग्रामीणों ने अपना बलिदान भी दिया था। उनकी याद में सेना ने पहली बार यहां कार्यक्रम आयोजित किया है।
सड़क और संचार सुविधा से वंचित है इलाका
हिलकाका क्षेत्र आज भी सड़क, बिजली और संचार सुविधाओं से वंचित है। आतंकवाद के दौर में मूलभूत सुविधाएं न होने के कारण यह क्षेत्र आतंकियों के लिए स्वर्ग के समान था। जहां वह अपनी मर्जी से सब कुछ कर सकते थे। आपरेशन सर्प विनाश के दौरान गठित ग्राम सुरक्षा समिति में शामिल क्षेत्र के सौ से अधिक नौजवानों की दिलेरी के कारण आतंकी इस क्षेत्र का रुख करने से भी डरने लगे थे।
18 लोगों को आतंकियों ने एक साथ मौत के घाट उतारा
2002 में आतंकियों ने तयाली कठ्ठा क्षेत्र में एक बड़े नरसंहार को अंजाम देते हुए तीन बच्चों और महिलाओं समेत 18 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। इस क्षेत्र की ग्राम सुरक्षा समिति ने बदले में कई आतंकी कमांडरों तक को मौत के घाट उतार दिया था। इसके चलते नियंत्रण रेखा के पार से घुसपैठ कर इस तरफ आने वाले आतंकियों को उनके सरगना हिलकाका क्षेत्र का कभी रुख न करने के निर्देश दे कर इस पार भेजते थे।