बुधवार को नगर स्थित डाक बंगला में सामाजिक संगठन अवेक इंडिया और माड़ा डेवलममेंट फोरम की बैठक में वक्ताओं ने मुगलों के विशेष कृपापात्र रहे मुगलपाड़ा गांव की प्रशासन द्वारा उपेक्षा करने का आरोप लगाया। बैठक में बड़ी संख्या में मुगलमाड़ा के ग्रामीणों ने भाग लिया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए अवेक इंडिया के चेयरमैन अयाज मुगल ने गांव मुगलमाड़ा के लोगों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए कहा कि आज तक हर सरकार ने मुगलपाड़ा गांव की उपेक्षा की है।
चुनाव से पहले हर बार मुगलपाड़ा की तकदीर बदलने के वादे करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वे गांव में भूले-भटके भी नजर नहीं आते हैं। इसके चलते मुगलों के पसंदीदा रहे इस गांव के निवासियों को आज भी कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यहां के लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्या सड़क की है।
सड़क की सुविधा न होने से ग्रामीणों को कहीं आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गांव के लोग हर दिन कई किलोमीटर पैदल चलने के बाद गाड़ियां पकड़ कर दूसरे स्थानों को आवाजाही करते हैं। बैठक में भाजपा-पीडीपी सरकार से मांग की गई कि इस ऐतिहासिक गांव तक पक्की सड़क का निर्माण करवाया जाए।
ग्रामीणों ने गांव के लिए दो वर्ष पूर्व बनवाए गए लोहे के झूला पुल को भी वहां से सैलां में लगाया जाने की मांग की है। बैठक में मौलाना मुनीर हुसैन, इरफान अली, शाहनवाज मुगल आदि मौजूद रहे।