संवाद न्यूज एजेंसी
पुंछ। पुंछ और राजोरी को कश्मीर से जोड़ने वाली ऐतिहासिक मुगल रोड पर बुधवार को छठे दिन भी पीडब्लयूडी मैकैनिकल इंजीनियरिंग विंग पुंछ की तरफ से बर्फ हटाने का अभियान जारी रहा। इस दौरान विभाग की तरफ से करीब आधा दर्जन बड़ी एवं आधुनिक मशीनों के सहयोग से नीलिना टाॅप से मानसर मोड़ के बीच बर्फ हटाने के काम को अंजाम दिया।
इस अवसर पर पीडब्लयूडी मैकैनिकल इंजीनियरिंग विंग के असिस्टेंट एगजिक्यूटिव इंजीनियर मोहम्मद तारिक खान ने बताया कि अगर मौसम ने साथ दिया तो अगले दो दिनों में मुगलरोड से बर्फ एंव हिमस्खलन का मलबा हटाने का अभियान पूरा कर मार्ग पर यातायात बहाल कर दिया जाएगा। गोरतलब है कि बर्फबारी और हिमस्खलन के चलते पिछले 9 दिनों से ऐतिहासिक मुगलरोड यातायात के लिए बंद है।
इस बीच मंगलवार शाम को एक बार फिर मुगलरोड पर भारी बर्फबारी होने के कारण मार्ग पर फिर से भारी मात्रा में हिमस्खलन हो गया था। आज फिर मौसम साफ होने के बाद पीडब्लयूडी मैकेनिकल इंजीनियरिंग विंग पुंछ की ओर से जिले की तरफ 40 किलो मीटर से मुगल रोड से बर्फ हटाने का अभियान शुरू किया गया। परंतु पूरे दिन में कड़े प्रयासों से एक किलो मीटर क्षेत्र से ही बर्फ और हिमस्खलन का मलबा हटाया जा सका था। क्योंकि जिस क्षेत्र में हिमस्खलन हुआ है वहीं विभाग की मशीनों को एक सड़क से दूसरी सड़क पर और दूसरी सडक से तीसरी सड़क पर मलबा फैंकना पड़ता है और उसके उपरांत उसे वहां से उठाकर खाई में डालना पड़ता है। इस कारण बर्फ हटाने के काम में अधिक समय लगता है। एईई मोहम्मद तारिक खान का कहना है कि हमारे लिए तो इन दिनों मुगलरोड से नए सिरे से बर्फ हटाने का अभियान चलाना पडा है। हमने जितनी बर्फ और हिमस्खलन का मलबा मार्च के अंतिम दिनों में हटाया था आज भी उसके बराबर ही मलबा हटाना पड रहा है। गौरतलब है कि मुगलरोड के बंद होने के कारण राजोरी आनंतनाग लोकसभा सीटे पर सात मई को होने वाले मतदान को स्थगित करना पड़ा है।