अधिकारियों के अनुसार मॉक ड्रिल के दौरान अचानक बाढ़, सड़क दुर्घटना और अन्य आपदा संबंधी परिस्थितियों का काल्पनिक अभ्यास किया गया। इसमें बचाव अभियान, घायलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की क्षमता को परखा गया।
इस अभ्यास में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), सिविल डिफेंस, सीआरपीएफ, सेना और जिला पुलिस के जवानों ने हिस्सा लिया। टीमों ने आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के विभिन्न तरीकों का प्रदर्शन भी किया।
अधिकारियों ने बताया कि मानसून और बूढ़ा अमरनाथ यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए इस तरह के संयुक्त अभ्यास बेहद महत्वपूर्ण हैं। इससे विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होता है और आपदा प्रबंधन प्रणाली की कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने में मदद मिलती है।