नौशेरा। नौशेरा ठाकुर द्वारा में श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर महंत संतोष दास मोनी जी महाराज के सानिध्य में चल रही श्री राम कथा के दूसरे दिन कथा व्यास आचार्य कृष्णप्रकाश दास महाराज ने प्रवचनों से श्रद्धालुओं को निहाल कर दिया। कथा व्यास ने कहा कि तुलसीदास जी कहते हैं कि भक्ति महापुरुषों के हृदय से बहने वाली गंगा है, सत्य से विवेक मिलता है और विवेक से भक्ति की प्राप्ति होती है।
उन्होंने कहा कि जिसने राम नाम नहीं बोला उसने कुछ नहीं बोला। जो सब कुछ भगवान को अर्पण कर देते हैं, भगवान उस जीव पर कृपा कर देते हैं। भगवान कृपालु हैं दयालु हैं सब कुछ भुलकर जीव को अपना लेते हैं। कथा के उपरांत आरती पूजन कर प्रसाद वितारित किया गया।