पुंछ। पुंछ में भी शिया समुदाय की तरफ से इमाम हुसैन के साथ करबला के मैदान में शहीद होने वालों की याद में रात्रि मजलिस का आयोजन किया जा रहा है। इसमें समुदाय के युवाओं की तरफ से कविताओं के माध्यम से करबला के शहीदों को याद करते हुए अपने कलाम पेश किए जा रहे हैं।
वहीं उलेमाओं की तरफ से करबला के मैदान के हालात को बयां किया गया। किस प्रकार इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों ने मानवता के लिए खुद को कुर्बान कर दिया लेकिन झुके नहीं।
अंजुमन ए जाफरिया के पूर्व सचिव इफ्तिखार बज्मी का कहना है कि इस बार भी पुंछ में मोहर्रम उल हराम का चांद नजर आने के बाद से ही रात्री मजलिसाें का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए गर्मी को देखते हुए जहां इमाम बारगाह में ठंडे पानी और नमकीन चाय की विशेष व्यवस्था की गई है।