पुंछ। डीसी पुंछ विकास कुंडल ने शनिवार को पुंछ जिले में टीबी के मामलों की वर्तमान स्थिति और राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत उपचार प्रोटोकॉल के कार्यान्वयन की समीक्षा की।
बैठक में रिपोर्ट किए गए टीबी के मामलों की संख्या, मानव संसाधन (एचआर) की स्थिति, उन्नत परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थिति, थूक परीक्षण के परिणाम, उपचार की स्थिति और समग्र घटना दरों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। समीक्षा में इस संक्रामक रोग के प्रभावी प्रबंधन और प्रसार को कम करने के लिए समय पर निदान और उपचार प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
चर्चा के दौरान डीसी ने टीबी पर जागरूकता आईईसी (सूचना, शिक्षा और संचार) गतिविधियों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से प्रभावी मामले का पता लगाने और टीबी के खिलाफ लड़ाई में सामुदायिक समर्थन को शामिल करने का आग्रह किया। इसके अतिरिक्त सभी टीबी रोगियों को उनके उपचार के दौरान पोषण संबंधी सहायता प्रदान करने के लिए निक्षय मित्रों को शामिल करने की आवश्यकता को रोगी देखभाल को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में रेखांकित किया गया।
टीबी प्रबंधन रणनीति को और मजबूत करने के लिए उपायुक्त ने पीपीएम को हर 15 दिनों में एक बार सभी ब्लॉकों का नियमित दौरा करने का निर्देश दिया। ये दौरे टीबी मामलों की उचित अधिसूचना और परीक्षण सुनिश्चित करने के लिए डॉक्टरों के साथ बैठकों की सुविधा प्रदान करेंगे। बैठक के दौरान लिया गया एक महत्वपूर्ण निर्णय सीएमओ को अगले महीने के भीतर ब्लॉक मंडी में ट्रू एनएएटी (न्यूक्लिक एसिड एम्पलीफिकेशन टेस्ट) स्थापित करने का निर्देश है। इस स्थापना का उद्देश्य स्थानीय आबादी के लिए टीबी परीक्षण को सरल और तेज करना है।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा अधीक्षक, डिप्टी सीएमओ, जिला क्षय रोग अधिकारी, डब्ल्यूएचओ सलाहकार और ब्लॉक चिकित्सा अधिकारियों (बीएमओ) सहित प्रमुख स्वास्थ्य अधिकारियों ने अन्य संबंधित हितधारकों के साथ भाग लिया।