जम्मू/पुंछ। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने दौरे के दौरान सीमा सुरक्षा बल के जवानों के साथ संवाद भी किया। उन्होंने कहा, पाकिस्तान ने जब हमारे नागरिक रिहायशी इलाकों पर हमला किया, तो 118 से ज्यादा पाकिस्तान की पोस्टों को तबाह करने का काम बीएसएफ के जवानों ने किया। उनकी निगरानी प्रणाली को चुन-चुनकर नष्ट किया। उस सबको खड़ा करने में दुश्मन को अभी कई साल लगेंगे।
गृहमंत्री ने कहा, मैं अपने सजग प्रहरियों का देश की 140 करोड़ जनता की ओर से आभार व्यक्त करता हूं। बीएसएफ के हमारे सजग प्रहरी सबसे पहले अपने सीने पर दुश्मन का वार झेलते हैं। गृहमंत्री ने दिल खोलकर बीएसएफ के जवानों की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। कहा, सीमा सुरक्षा बल साल के पूरे 365 दिन चौबीसों घंटे सजग, समर्पित और मौजूद रहते हैं। यह देश का बच्चा-बच्चा जानता है कि बीएसएफ को देश की सुरक्षा की प्रथम पंक्ति के नाम से जाना जाता है। जम्मू फ्रंटियर, राजस्थान फ्रंटियर और सुदूर कच्छ सीमा पर तैनात बीएसएफ के जवानों ने पूरी सजगता के साथ देश की रक्षा का काम किया।
पाकिस्तान की सूचना निगरानी प्रणाली को नष्ट कर दुश्मन को कमजोर किया
गृहमंत्री ने बीएसएफ की सटीक युद्ध रणनीतिक तैयारियों को सराहा। कहा, सिर्फ तैयारी ही नहीं रखी, बल्कि समय आने पर करके भी दिखाया। गृहमंत्री ने कहा कि मैंने डीजी बीएसएफ से मिली रिपोर्ट का अध्ययन किया है। जिस तरह से बीएसएफ ने तीन दिन में उनकी सूचना निगरानी प्रणाली को नुकसान पहुंचाया है, उससे पाकिस्तान फिलहाल सूचना आधारित लड़ाई नहीं लड़ पाएगा। पोस्टों को नष्ट करना, उसे ध्वस्त करना बड़ी बात है। यह तभी संभव है जब देश की रक्षा का जज्बा हो, बलिदान होने की भावना और साहस हो।
सेना के जयकारे के साथ बीएसएफ जवानों की भी होती है शौर्यगाथा
शाह ने कहा, हमने तय किया था कि सीमा प्रहरियों से मिलकर जाऊंगा। मौसम ने भी साथ दिया और हम यहां आ पाए। हमारे लिए...डीजी बीएसएफ के लिए यह गर्व की बात है कि सेना के साथ जो जयकारा लगता है, उसके साथ सीमा सुरक्षा बल के जवानों की भी शौर्य गाथा की जय होती है। इस दौरान उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, भारत सरकार के गृह सचिव गोविंद मोहन, आईबी के निदेशक तपन डेका, बीएसएफ डीजी दलजीत सिंह चौधरी मौजूद रहे।