पुंछ। दिगवार सेक्टर में नियंत्रण रेखा से चार दिन पहले घुसपैठ करने के आरोप में पकड़े किए गए नाबालिग को सेना और पुलिस ने सोमवार को चक्कां दा बाग के रास्ते पाकिस्तान को सौंप दिया। नाबालिग को नए कपड़े और तोहफे भी दिए गए।
पाकिस्तान की नापाक हरकत के बावजूद भारत ने मानवता दिखाई। इसका उदाहरण सोमवार देर शाम चक्कां दा बाग की राह-ए-मिलन पर देखने को मिला। यहां चार दिन पहले नियंत्रण रेखा से घुसपैठ करने के दौरान पकड़े गए नाबालिग मोहम्मद सालिक (16) निवासी बांडी अब्बासपुर पीओके को पाकिस्तानी सेना को सौंपा गया। इससे पहले पुंछ थाने में उसे नए कपड़े और तोहफे दिए। शाम करीब साढ़े चार बजे नाबालिग को मजिस्ट्रेट और चिकित्सक की देखरेख में चक्कां दा बाग की राह-ए-मिलन तक ले जाया गया। सेना की सरला बटालियन के अधिकारियों के साथ उसे मुख्य गेट तक पहुंचाया। उस पार से पाकिस्तानी सेना के अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी भी गेट पर पहुंचे। इस दौरान दोनों तरफ से गेट खोले गए। दोनों तरफ के अधिकारियों ने कागजी कार्यवाही पूरी की। इस मौके पर सरला बटालियन के मेजर तुषार, सूबेदार नियाज अहमद, इंस्पेक्टर मुख्तयार अली, नायब तहसीलदार डॉ. हरप्रीत सिंह मौजूद रहे। वहीं उस तरफ से 20 पीओके रेजिमेंट से मेजर वसीम अहमद, कैप्टन अजहर अली उपस्थित रहे।