पुंछ। मेंढर सब डिवीजन से करीब 22 किलोमीटर दूर स्थित गांव पठानातीर के लोग आज भी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हैं। गांव में वर्ष 2008 में प्राथमिक चिकित्सा केंद्र स्थापित करने के लिए इमारत का काम शुरू किया गया था। इसके 12 वर्ष बीत जाने के बाद भी गांव में प्राथमिक चिकित्सा केंद्र शुरू नहीं हो पाया है। जबकि पांच वर्ष से प्राथमिक चिकित्सा केंद्र की इमारत का ढांचा बन कर तैयार होने के बाद आज भी बंद पड़ी हुई है।
एक तरफ जहां इमारत के अंदर न तो फर्श ही डाला गया है और न ही खिड़कियां दरवाजे ही लगाए गए हैं। इमारत के मुख्य द्वारा पर ताला लटका है। उसके आगे आसपास के लोगों ने अपना सामान और गंदगी जमा कर रखी है। इतने वर्षों बाद भी गांव में प्राथमिक चिकित्सा केंद्र की इमारत पूरी तरह न बन पाने और चिकित्सा केंद्र शुरू न हो पाने से दुखी गांव निवासी फैसल हुसैन शाह का आरोप है कि इस सिलसिले में गांव के लोगों ने कई बार पूर्व सरकारों एवं केंद्र सरकार से भी बात की, लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया है। गांव के एक हिस्से में एक घर में स्थापित डिस्पेंसरी भी पिछले दो साल से बंद पड़ी हुई है। इस केंद्र के लिए लाखों रुपये खर्च कर आधी अधूरी बनाई गई इमारत की भी हालत खस्ता हो रही है। अंदर की दीवारों का प्लास्टर उखड़ कर गिर रहा है। इमारत की छत का एक हिस्सा गिरने की कगार पर है। ऐसे में गांव के लोगों की मांग है कि इस इमारत का निर्माण पूरा कर यहां पर प्राथमिक चिकित्सा केंद्र स्थापित कर गांव के लोगों को गांव में ही छोटी-मोटी बीमारियों का उपचार उपलब्ध कराया जा सके।