प्रशासन एवं सरकार की लापरवाही के चलते जिले की मेंढर तहसील के बालाकोट गांव के हजारों ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी के दौरान घायल होने वाले और बीमार मरीजों को अस्पताल तक ले जाने में बड़ी परेशानी होती है।
गांव से तहसील मुख्यालय के करीब 22 किमी के क्षेत्र की सड़क जगह-जगह से टूटी हुई है, साथ ही इससे वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना भी कठिन होता है।
मोहम्मद अफजल, तालिब हुसैन, मोहमद सगीर का कहना है कि बालाकोट की मुख्य सड़क एक मात्र साधन है, जो वर्षों से खराब पड़ी है।
लेकिन, इस तरफ कोई प्रशासनिक अधिकारी एंव नेता ध्यान नहीं दे रहा है। जबकि सेना और ग्रामीणों के लिए यह मुख्य रोड है।