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Poonch News: पहली बार मिली सड़क तो सबसे पहले दौड़ी खुशी की लहर

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भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा के गांव बटवडी के लिए पहली बार सड़क निर्माण कार्य शुरू
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लोगों बोले - अगर पहले सड़क होती तो पाकिस्तानी गाेलाबारी में घायल हुए लोगों की बच जाती जान
संवाद न्यूज एजेंसी
पुंछ। जिले में नियंत्रण रेखा पर स्थित करमाडा क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना की चौकियों के नीचे गांव बटवडी के लिए शुक्रवार को पहली बार पक्की सड़क का कार्य शुरू हुआ। इससे क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। सड़क निर्माण कार्य शुरू होने और उस पर तारकोल डालने के कार्य का शुभारंभ होने पर जिला प्रशासन एवं बीडीसी चेयरमैन का लोगों ने आभार जताया। कहा कि अगर पहले यह सड़क बनी होती तो पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी में घायल होने वाले लोगों की जान बच जाती। चलो, देर आए-दुरूस्त आए।
दोपहर को करमाडा सेक्टर के गांव सयाल से अंतिम गांव बटवडी तक के लिए तीन किमी लंबी सड़क का निर्माण कार्य एवं उस पर तारकोल डालने का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस समारोह की अध्यक्षता बीडीसी चेयरमैन मोहम्मद जमील कोहली ने की, जबकि अतिरिक्त उपायुक्त संदेश कुमार शर्मा मुख्यातिथि रहे। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और उपराज्यपाल प्रशासन की प्राथमिकता दूरदराज के नियंत्रण रेखा से सटे क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवाएं और सड़कें उपलब्ध कराना है। उसी कड़ी में इस क्षेत्र में सड़क का काम शुरू करवाया गया है। इससे लोग खुश हैं। उन्हें आसानी होगी।
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बीडीसी चेयरमैन का कहना था कि पांच वर्षों में विकास कार्यों में काफी तेजी आई है। इसके चलते ब्लॉक में नियंत्रण रेखा पर करीब हर गांव तक सड़क पहुंच गई है। आजादी के बाद पहली बार गांव को पक्की सड़क मिलने से गांव निवासियों मोहम्मद मजीद, शबीर अहमद और मोहम्मद रशीद ने कहा कि अगर एक-डेढ़ दशक पहले यह सड़क बन जाती तो हमारे गांव के उन लोगों की जानें बच जातीं जो पाकिस्तानी गोलाबारी में घायल होने के बाद सड़क न होने के कारण अस्पताल पहुंचने तक ही दम तोड़ गए। चार वर्ष पहले ही पाकिस्तानी गोलाबारी में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई थी। अब इस सड़क के बन जाने से लोग देर-सवेर किसी भी आपात स्थिति में गांव तक एंबुलेंस मंगवा सकेंगे। बच्चे भी आराम से स्कूल आ-जा सकेंगे।
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