पुंछ। गांव दरा दुलियां के डेरा दुख निवारण साहब में रविवार को वार्षिक गुरुमत समागम का आयोजन किया गया। इसमें जिले के अलावा दूसरे राज्यों से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर कीर्तन दरबार सजाया गया और गुरुओं की महिमा का बखान करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया।
गत वर्षों की तरह रविवार को भी गांव दरा दुलियां स्थित डेरा दुख निवारण में तीन दिन से चल रहे श्री गुरु ग्रंथ साहब के अखंड पाठ का भोग डाला गया। इसके बाद डेरा के संस्थापक बाबा कुलदीप सिंह ने सर्व कल्याण और दुनियां भर से कोरोना महामारी को समाप्त करने के लिए अरदास की। इसके बाद कीर्तन दरबार सजाया गया। इसमें जिले के रागी जत्थों के अलावा जम्मू से आए रागी जत्थों ने गुरुवाणी पर आधारित शब्दों का गायन करते हुए संगत को निहाल किया। करीब तीन घंटे के कीर्तन दरबार के बाद सिख विद्वानों ने गुरुओं की महिमा का बखान करते हुए संगत को गुरु के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। इसके उरांत दोपहर एक बजे से देर शाम तक लंगर का आयोजन किया गया। इसमें संगत ने पंगत में बैठ कर प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर दिन भर बड़ी संख्या में संगत ने बाबा कुलदीप सिंह से आशीर्वाद भी प्राप्त किया। इस अवसर पर डेरे से जुड़े मंजीत सिंह ने बताया कि कई दशक से हर वर्ष डेरे में बड़े स्तर पर गुरुमत समागम का आयोजन किया जाता है, जिसमें विदेश से भी श्रद्धालु भाग लेने आते थे। इस बार कोरोना के चलते समागम को छोटे स्तर पर आयोजित किया गया है।