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कोरोना की तीसरी लहर की घोषणाओं के बाद भी बेखर लोगों की पर्यटन स्थलों में लग रही है भीड़,संक्रमण से बचाव के उपायों की भी हो रही ह

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पुंछ। देश भर में वैज्ञानिकों एवं बड़े-बड़े चिकित्सकों की तरफ से बार-बार देश भर में कोरोना की तीसरी लहर आने के खतरे की घोषणाएं किए जाने के साथ एक तरफ जहां सरकार एवं प्रशासन की तरफ से भी लोगों को तीसरी लहर के प्रति सचेत रहने का आह्वान किया जा रहा है। जिले में कुछ समय से कोरोना संक्रमण के मामलों में भारी कमी आने और लॉकडाउन समाप्त होने के बाद तीसरी लहर के खतरे से बेखबर लोगों की जिले के पर्यटन स्थलों में करीब-करीब हर दिन और शनिवार एवं रविवार को भारी भीड़ जुट रही। जहां सैकड़ों की संख्या में लोग परिवार सहित पहुंच कर प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने के साथ ही दिन भर मौज मस्ती करने में लगे रहते हैं।
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पर्यटन स्थलों में जुट रही इस प्रकार की भीड़ में शामिल अधिकतर लोग इस प्रकार मस्त नजर आते हैं कि मानों उन्होंने कभी कोरोना संक्रमण के बारे में कुछ सुना देखा ही न हो। पर्यटन स्थलों में जमा होने वाले लोगों में एक प्रतिशत भी ऐसे लोग नजर नहीं आते हैं जो कोरोना संक्रमण से बचाव के उपायों मास्क अथवा सामाजिक दूरी का पालन कर रहे हों। जिले के खूबसूरत पर्यटन स्थलों पर पहुंचने वाले अधिकतर लोगों को देख कर ऐसा लगता है कि वह खुद को भी खूबसूरत दिखाने के लिए मास्क को बाधा मानते हुए उसे अपने साथ लाना भी पसंद न कर रहे हों। हालांकि जिला प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से करीब-करीब हर दिन लोगों को कोरोना से बचाव के उपायों को सख्ती से अपनाने का आह्वान किया जाता है। लोगों को यह भी कहा जाता है कि कोरोना कम हुआ है समाप्त नहीं हुआ है। मौज मस्ती एवं तफरीह के लिए निकलने वालों को इसकी कोई परवाह ही नहीं है। एक तरफ जहां नगरों, कस्बों अथवा बाजारों में अभी भी बीच-बीच में प्रशासन एवं पुलिस द्वारा बिना मास्क के लोगों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के मामले सामने आते हैं। परंतु पर्यटन स्थलों पर कोरोना से बचाव के उपायों को लेकर किसी प्रकार की कोई सख्ती कहीं नजर नही आती है। क्योंकि जिले में अधिकतर पर्यटन स्थल पहाड़ों एवं दूर दराज के क्षेत्रों में मौजूद हैं। उन्हें सही प्रकार पर्यटन मानचित्र पर भी नहीं लाया गया है। इसके कारण जिले के पर्यटन स्थलों पर प्रशासनिक एवं पुलिस स्तर पर अधिकारियों एवं सुरक्षा कर्मियों की कोई तैनाती भी नहीं की जाती है। जो वहां पर कोरोना से बचाव के उपायों को सख्ती से लागू कराने के काम को अंजाम दें। ऐसे में जिले के पर्यटन स्थलों पर जुटने वाली कोरोना की तीसरी लहर से बेखबर भीड़ आगे चल कर संक्रमण फैलने का माध्यम न बन जाए यह बात विचारनीय है।
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