कारगिल शहीद को श्रद्धांजलि देते परिवार के सदस्य।
पुंछ। नियंत्रण रेखा से सटे गांव जलास में निवासी अश्वनी कुमार और उसके परिजनों ने कारगिल में देश की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले अपने छोटे भाई हवलदार युगल किशोर शर्मा को कारगिल विजय दिवस की 21वीं वर्षगांठ पर याद किया। छोटे भाई के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए जहां बड़े भाई ने बलिदान पर गर्व का अहसास किया वहीं उसके बचपन और युवावस्था की यादों को भी ताजा किया।
शहीद के भतीजे उत्कर्ष शर्मा ने कहा कि मैं स्नातक की पढ़ाई पूरी कर सेना में शामिल होकर चाचा की तरह देश की सेवा करूंगा। उत्कर्ष का कहना है कि हम नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र के सामने रहते हैं। यहां हर दिन पाकिस्तान के गोले गिरते हैं। हमें कोई डर नहीं लगता। पाकिस्तान और चीन चाहे जितनी नापाक हरकतें कर ले, हिंदुस्तान का कुछ नहीं बिगाड़ सकते।
गौरतलब है कि 1999 में पाकिस्तानी सेना ने कारगिल की चोटियों पर कब्जा कर लिया था। जिसे छुड़ाने और पाकिस्तानियों को मार भगाने के लिए सेना ने आपरेशन विजय चलाया। इसमें देश के अन्य भागों की ही तरह पुंछ में नियंत्रण रेखा से सटे गांव जलास में सेना की 12 जैकलाई के हवलदार युगल किशोर शर्मा ने भी देश की रक्षा करते हुए बलिदान दिया।