पुंछ जिले के नियंत्रण रेखा के डोकरी क्षेत्र में पडा जिंदा पाकिस्तानी मोर्टार
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पुंछ। जिले में कई माह से नियंत्रण रेखा पर कीरनी सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की तरफ से की जा रही गोलाबारी से लोगों के घरों को नुकसान पहुंच रहा है। दूसरी तरफ नियंत्रण रेखा से सटे डोकरी में पाकिस्तानी गोलाबारी के बाद में जगह-जगह बिखरे पड़े पाकिस्तानी सेना की तरफ से दागे गए गोले ग्रामीणों के लिए परेशानियों का सबब बने हुए हैं। यह अभी फटे नहीं हैं, जिसके चलते लोग इनके कभी भी फटने की आशंका से बुरी तरह डरे और सहमें हैं।
बड़ी संख्या में पाकिस्तानी गोले लोगों के घरों के आसपास, खेतों और रास्तों में जमीन के अंदर तो कहीं बाहर पड़े हैं। इसके कारण लोग खेतों में काम करने जाने से डरते हैं कि कहीं उनमें विस्फोट हो गया तो उनकी जान चली जाएगी। इतना ही नहीं ग्रामीण काफी समय से मवेशियों को भी चराने के लिए खोलने से बच रहे हैं ताकि कोई बड़ा हादसा पेश न आ जाए। भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा से सटे गांव डोकरी निवासियों मोहम्मद अकबर, अब्दुल रहीम, मोहम्मद सलीम आदि का कहना है कि चार-पांच दिन पहले पाकिस्तानी गोलाबारी में गांव में चार से अधिक जिंदा बच गए मोर्टार शेल बिखरे पड़े हैं। इसे लेकर हमने क्षेत्र में तैनात सेना के अधिकारियों को भी जानकारी देते हुए उनसे इन इन्हें निष्क्रिय करने की मांग की थी, लेकिन पाकिस्तानी सेना की तरफ से जारी गोलाबारी के कारण सेना को इनको निष्क्रिय करने का मौका ही नहीं मिल पाया है।
ऐसे में हम लोगों ने इन गोलों के आसपास झाड़ियां रख कर उन्हें चिह्नित कर रखा है, ताकि गलती से कोई बच्चा अथवा जानवर इनसे छेड़छाड़ न कर दे। इन लोगों का कहना है कि ऊपर वाले का शुक्र है कि इन दिनों गांव के स्कूल बंद हैं। अगर खुले हों तो बच्चे इन गोलों के साथ शरारत कर सकते हैं। क्योंकि दो गोले तो स्कूल के रास्ते में ही पड़े हैं। अब हम हमारी जिला प्रशासन से मांग है कि इन गोलों को जल्दी से निष्क्रिय कराने के लिए कोई कदम उठाएं।