पुंछ। नियंत्रण रेखा पर बसे बालाकोट सेक्टर के ग्रामीणों रविवार को रात को जागते हुए घरों के कोनों में दुबके रहे। इस दौरान हर किसी को इस बात की चिंता सताती रही कि कहीं कोई पाकिस्तानी गोला उनके मकानों पर गिर कर उन्हें जानी नुकसान न पहुंचा दे। सुबह तड़के पाकिस्तानी गोलाबारी थमने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन सोमवार को भी अधिकतर समय लोग घरों के अंदर रहे कि कहीं पाकिस्तानी सेना की तरफ से फिर से गोलाबारी शुरू न कर दी जाए।
पाकिस्तानी गोलाबारी से रात भर जगते रहने वाले ग्रामीणों नकीम खान, सैद उल्ला, हफीज आदि का कहना है कि रविवार रात को हम लोग खाना खाने के बाद सोने की तैयारी कर रहे थे कि तभी पाकिस्तानी सेना की तरफ से क्षेत्र में गोलाबारी शुरू कर दी गई। जो रात के आगे बढ़ने के साथ ही तेज हो रही थी। हालांकि इस दौरान सेना की तरफ से भी पाकिस्तानी सेना को मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा था, परंतु जिस प्रकार पाकिस्तानी सेना ग्रामीण क्षेत्रों को निशाना बना कर गोले दाग रही थी। हमें हर धमाके पर ऐसा लग रहा था कि शायद अगला गोला हमारे घर के ऊपर गिरेगा और हम सबका काम तमाम कर देगा। इसी चिंता में हर रात हमें अपनी जान की चिंता सताती रही खुदा का शुक्र है कि रात भर हुई गोलाबारी में कहीं पर भी किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हुआ है।
गौरतलब है कि जिले में पाकिस्तानी सेना की तरफ से नए वर्ष के पहले दिन से लेकर आज तक करीब हर दिन पाकिस्तानी सेना की तरफ से अपनी नापाक हरकत को अंजाम देते हुए न सिर्फ सेना की चौकियों को निशाना बना कर गोलाबारी की है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत अधिक गोलाबारी कर रहा है, जिससे लोगों को जान के लाले पड़े हुए हैं।