पुंछ। सुरनकोट तहसील की पंचायत कल्लर कटल के सरपंच असलम कोहली की अगुवाई में बुधवार को आसपास की पंचायत के प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार और राज्यपाल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए घंटों प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार की तरफ से पहाड़ी, गोजरी और पंजाबी को केंद्र शासित जम्मू कश्मीर की सरकारी भाषाओं में शामिल न किए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इन तीन भाषाओं के लोगों ने 70 वर्ष में जम्मू कश्मीर के लिए बलिदान दिए हैं। इन भाषाओं को सरकारी भाषा का दर्जा न दिया जाना हम लोगों के साथ सौतेला व्यवहार है। इसलिए हम सरकार से मांग करते हैं कि वह सरकारी भाषाओं के बिल का संसद में पेश करने के पूर्व उस पर विचार कर पहाड़ी, गोजरी और पंजाबी भाषा को भी शामिल करें।