करवाचौथ पर महिलाओं ने सोलह श्रृंगार कर चांद और अपने पति का दीदार करने के साथ व्रत खोला। महिलाओं ने चांद को अर्ग देकर अपने पति की सुख, समृद्धि व लम्बी आयु की कामना की।
इस दौरान महिलाओं की सुंदरता के आगे मानो चांद की चमक भी फीकी लग रही थी। महिलाओं ने सुबह करीब चार बजे सरगी खाने के बाद दिनभर व्रत रखा। शहर के मुख्य बाजार में कई घरों में विशेष पूजा अर्चना के लिए सजावट की गई थी।
इस अवसर पर परंपरा अनुसार थालियां फेरने का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। थालियां फेरने के बाद शुरू हुआ चांद का इंतजार। अंधेरा होते ही चांद का इंतजार करती महिलाओं को छतों पर देखा गया।
चांद के दिखाई देते ही महिलाओं ने चांद का अर्ग देकर अपने पति की लंबी आयु के लिए विशेष पूजा अर्चना की। पत्नियों के अलावा कुंवारी लड़कियों ने भी व्रत रखा।