जिले के मेंढर, बालाकोट, मनकोट आदि क्षेत्र में पिछले काफी दिनों से जहां लगातार पाक सेना ने जोरदार तरीके से गोलाबारी की जा रही थी। वहीं कृष्णा घाटी से लेकर साब्जियां तक के क्षेत्र में पिछले एक महीने से पूरी तरह खामोशी बनी हुई थी।
जिससे हर कोई परेशान हो रहा था कि इस क्षेत्र में जहां पाक सेना सबसे अधिक गोलाबारी करती है वहां पर इतनी खामोशी क्यों। वहीं सुरक्षा एजेंसियों और नियंत्रण रेखा के हालात के जानकारों को इस बात की आशंका थी कि शायद पाक सेना इस क्षेत्र में किसी बड़े हमले की साजिश कर रही है। इस लिए वह इस क्षेत्र में खामोशी बनाए हुए है। रविवार को पाक सेना ने उस आशंका को पूरा कर दिखाया।
जिसमें उसने एक तरफ जहां रात को कृष्णा घाटी में भारतीय सेना की चौकियों पर हमला किया। वहीं सुबह उसने साब्जियां सेक्टर में भारतीय सेना की चौकियों पर हमला किया। इन दोनों हमलों में सेना के दो जवान शहीद हो गए और चार जवान घायल हो गए। इस दौरान पाक सेना ने ग्रामीण क्षेत्रों को भी जम कर निशाना बनाया। वहीं साब्जियां के लोगों का कहना है कि खुदा का शुक्र है कि पाक सेना ने यह हरकत सुबह तड़के की है अगर दिन के समय करती तो हमारा काफी नुकसान हो जाता क्योंकि एक महीने से गोलाबारी न होने के कारण सभी लोग बेखौफ हो कर खेतों में काम काज कर रहे थे।
ऐसे में गोलाबारी का पता चलने के बाद अधिकतर लोग घरों में घुसे हुए हैं। इसके कारण लोगों का नुकसान कम हुआ है।