श्री बूढ़ा अमरनाथ यात्रा : पुंछ जिले के मंडी कस्बे की शतप्रतिशत मुस्लिम आबादी में स्थित मंदिर में हर हर महादेव की गूंज
क्रासर
मुस्लिम पीढ़ी दर पीढ़ी सौहार्द की विरासत को आगे बढ़ा रहे
मुनीश शर्मा
पुंछ। जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में स्थित भगवान भोलेनाथ का अनादि काल का शिव धाम, श्री बूढ़ा अमरनाथ मंदिर, केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं है। हर वर्ष विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा आयोजित की जाने वाली यह राष्ट्रीय स्तर की यात्रा देश में सांप्रदायिक सद्भाव, और हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई एकता की एक अद्भुत मिसाल पेश करती है।
इस यात्रा की सबसे खूबसूरत तस्वीर मंडी कस्बे से आ रही है। शत-प्रतिशत मुस्लिम बहुल क्षेत्र होने के बावजूद, मंडी तहसील मुख्यालय पर स्थानीय लोगों द्वारा ढोल की थाप के साथ शिवभक्तों का जोरदार स्वागत किया जा रहा है। यात्रियों के आगमन से घंटों पहले ही स्थानीय लोग सड़कों पर कतारें लगाकर खड़े हो जाते हैं। जत्थे का बेसब्री से इंतजार करते हैं।
मुस्लिम बहुल क्षेत्र में गूंजती ढोल की थाप
पुंछ नगर के यात्रा मैदान में कदम रखते ही देश भर से आए श्रद्धालुओं का स्वागत केवल हिंदू ही नहीं, बल्कि मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय के लोग भी फूलों की वर्षा कर और हार पहनाकर करते हैं। मंदिर जिस मंडी कस्बे में स्थित है, वह शत-प्रतिशत मुस्लिम बहुल क्षेत्र है। इसके बावजूद, स्थानीय लोग यात्रियों के स्वागत में पलकें बिछाए रहते हैं। तहसील मुख्यालय पर ढोल की थाप के साथ श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत किया जाता है।
सड़कों पर कतारें, भोले के जयकारे
यात्रा को लेकर स्थानीय लोगों का उत्साह देखते ही बनता है। श्रद्धालु मंडी तहसील मुख्यालय पहुंचे, उससे काफी पहले ही स्थानीय लोग स्वागत के लिए सड़कों पर कतारें लगाकर खड़े हो जाते हैं। यात्रा मार्ग पर जहां एक ओर हर हर महादेव, भारत माता की जय और वंदे मातरम के जयघोष होते हैं, वहीं दूसरी ओर हिंदू-मुस्लिम-सिख इतहाद (एकता) जिंदाबाद के नारे हवाओं में गूंजते हैं।
पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ रहा भाईचारा
स्वागत के लिए हर दिन पहुंचने वाले स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों मौलवी मोहम्मद फरीद मलिक, नज़ीर हुसैन और मगोशर बांडे का कहना है कि सदियों से एकता और भाईचारा ही पुंछ की असली पहचान रही है। वे इस विरासत को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ा रहे हैं ताकि यहां से पूरे देश में अमन और एकता का संदेश जाए।