पुंछ। पुलवामा हमले के बाद भारत एवं पाकिस्तान के बीच बने तनाव का असर सोमवार को एक हफ्ता बंद रहने के बाद बहाल होने वाली पुंछ-रावलाकोट बस सेवा पर भी दिखा। 14 साल में पहली बार नियंत्रण रेखा के उस पार से हर हफ्ते चलने वाली रावलाकोट-पुंछ बस बिना किसी पीओके नागरिक के चक्कां दा बाग की राह-ए-मिलन तक आई। हालांकि इससे पहले भी कई बार नियंत्रण रेखा पर जारी गोलाबारी के बाद तनाव पैदा होते रहे हैं, लेकिन 14 साल में ऐसा मौका कभी भी नहीं आया जब एक भी पीओके नागरिक भारत में बसे रिश्तेदारों के पास न आया हो। हालांकि भारत की तरफ से चलने वाली पुंछ-रावलाकोट बस 14 साल में सैकड़ों बार बिना भारतीय नागरिकों के रवाना होती रही है। अगर पिछले 14 वर्षों में पुंछ रावलाकोट बस से आर पार होने वाले भारतीयों और पीओके नागरिकों के आंकड़ों का तुलनात्मक विश्लेशन करें तो पिछले 14 वर्षों में पुंछ रावलाकोट बस से करीब 14, 876 पी ओ के नागरिक भारत में बसे अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए इस पर आए, जबकि पाकिस्तान प्रशासन की तरफ से भारतीय नागरिकों को परमिट जारी करने में बरती जाने वाली कोताही और उस पार पर्याप्त सुविधाएं न होने से अब तक महज 4903 भारतीय नागरिक ही पीओके में बसे अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए जा पाए हैं। ऐसे में उस पार से एक भी पीओके नागरिक का रावलाकोट बस से इस पार न आना इस बात का संकेत भी देता है कि भारत के साथ बने तनावपूर्ण हालात से उस पार कितना भय का माहौल बना हुआ है। हालांकि इसके बावजूद दो भारतीय नागरिक पुंछ-रावलाकोट बस में सवार होकर पीओके गए हैं।