पुंछ। जम्मू कश्मीर में दो वर्ष पूर्व अनुच्छेद 370 हटने के बाद कई राजनैतिक दल हायतौबा मचा रहे हैं। वे आरोप लगा रहे थे कि प्रदेश में किसी प्रकार का कोई विकास नहीं होगा। लेकिन, नियंत्रण रेखा पर स्थित जिला पुंछ में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद विकास की बयार बहने लगी है। विशेष कर जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रकार के कदम उठाए जा रहे हैं।
जिले के पर्यटन स्थलों के विकास एवं पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इनमें से सबसे प्राचीन एवं ऐतिहासिक पर्यटन स्थल नूरी छंब के करीब किया गया विकास कार्य साफ दिखाई देने लगा है। नूरी छंब से 40 मीटर की दूरी पर तीन करोड़ 94 लाख रुपये की लागत से पर्यटकों के लिए एक पार्क एवं कैफिटेरिया और आवास का निर्माण कराया गया है। इससे लोग काफी खुश हैं।
पर्यटन के विकास के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी देते हुए पुंछ विकास प्राधिकरण के सीईओ मोहम्मद तनवीर का कहना है कि नूरी छंब में पर्यटकों के लिए सुविधाएं स्थापित कर दी हैं। जिले में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए श्री बुड्डा अमरनाथ में आठ बिस्तर का एक टीआरसी बनाया है। डेरा नंगाली साहब में भी आठ बिस्तर का एक टीआरसी बनाया है। साई मीरा बख्श की जियरत पर भी टीआरसी का निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जा रहा है। वहां भूमि विवाद के कारण निर्माण कार्य में देरी हुई है।
तनवीर ने बताया कि जिले के धार्मिक पर्यटन कॉरीडोर के लिए योजना बनाकर केंद्र भेजी है। इस योजना के मंजूर होने के बाद मेंढर के सखी मैदान स्थित जियारत छोटेशाह, रामकुंड मंदिर, लोहड़ देवता मंदिर, नगर स्थित श्रीदशनामी अखाड़ा, नंगाली साहब, साई मीरा जियारत, श्री बुड्डा अमरनाथ और बटलकोट जियारत को आपस में जोड़ दिया जाएगा। इससे धार्मिक पर्यटन में रुचि रखने वाले एक क्रम में इन स्थलों पर आ सकेंगे।
उन्होंने कहा कि लोरन में स्थित सबसे बड़े झरने नंदी छूल तक ट्रैक निर्माण, रास्ते में पड़ने वाले नालों पर पुल और झरने के पास झोपड़ियों और अन्य सुविधाएं स्थापित करने के लिए चार करोड़ की परियोजना बनाई है। इसके अतिरिक्त नैड़ियां, मंगयाना, जब्बी धोती, जैसे दूरदराज स्थित पर्यटन स्थलों तक सुविधाएं स्थापित करने के लिए परियोजना बना कर मंजूरी के लिए भेजे गए हैं। इनके लिए जल्द ही मंजूरी मिलने की आशा है।
मोहम्मद तनवीर का मानना है कि पर्यटन विकास के लिए यह सब अनुच्छेद 370 हटने के बाद ही संभव हो सका है। उधर, जिला निवासियों अभिवक्ता संजय रैना, रोनिक शर्मा, विनोद कुमार, सतविंदर पाल सिंह, मंजीत सिंह, आदि का कहना है कि जिले के लोग पिछले 70 वर्षों से कुदरत के दिए मनमोहक एवं सुंदर स्थलों को पर्यटन स्थलों के तौर पर विकसित करने की मांग कर रहे थे। परंतु, सत्ता में बैठे लोगों को केवल कश्मीर में ही पर्यटन स्थलों का विकास कराने की चिंता रहती थी। कभी किसी सरकार ने पुंछ में पर्यटन के विकास की मांग पर ध्यान नहीं दिया। जिले में अब भी पर्यटन विकास की गति उतनी नहीं है, जितनी होनी चाहिए। लेकिन, जिले के कई स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर लाए जाने से जिले में रोजगार के अवसर मिलने की आशा है।
पुंछ जिले के पर्यटन स्थल नूरी छम्ब के पास धारा 370 हटने के बाद बनाया गया पर्यटन केन्द्र पार्क आदि- फोटो : POONCH