बंद के दौरान रहे सुरक्षा के कड़े इंतजाम
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पाकिस्तान के इशारे पर घाटी में माहौल खराब करने की साजिश रची गई है। हंदवाड़ा को इसलिए चुना गया क्योंकि यह अलगाववादियों का गढ़ रहा है। रियासती सरकार में मंत्री सज्जाद गनी लोन भी यहीं से विधायक हैं और पूर्व में अलगाववादी नेता रहे हैं।
इस बात के इनपुट हैं कि पठानकोट हमले के बाद अपने को घिरता देख बातचीत से भाग रहे पाकिस्तान ने कश्मीर मामले पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकृष्ट करने के लिए यह साजिश रची। इसके लिए अलगाववादियों के साथ ही घाटी में सक्रिय आतंकियों के मददगारों की भी मदद ली गई।
रियासत के डिप्टी सीएम डॉ. निर्मल कुमार सिंह भी मानते हैं कि पाकिस्तान रियासत में शांति प्रक्रिया को सिरे नहीं चढ़ना देना चाहता है। इस वजह से वह अलगाववादियों को हवा दे रहा है। हालांकि, राज्य सरकार पूरे मामले पर गंभीर है और पैनी नजर रखे हुए है।