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जिस्मफरोशी के लिए होता था बच्चियों का इस्तेमाल

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जम्मू के 'होम फॉर मेंटली रिटायर्ड चिल्ड्रेन' की आधा दर्जन मंदबुद्धि बच्चियों को आरोपी हवस का शिकार बनाते रहे। अब इस करतूत के बेपर्दा होते ही कई सफेदपोशों पर शिकंजा कसे जाने की संभावना बढ़ गई है।
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पुलिस ने फिलहाल होम से संबंधित चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस आशंका से इनकार नहीं किया मंदबुद्धि बच्चियों के साथ दुष्कर्म मामले में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

पुलिस ने भी इसकी पुष्टि की है। जिन लोगों और कर्मियों पर इन बच्चियों की सुरक्षा का दायित्व था वे ही उन्हें अपना शिकार बनाते रहे। इन बच्चियों से जिस्मफरोशी कराए जाने की आशंका भी जांच के बिन्दुओं में शुमार है।
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छन्नी स्थित रोटरी इनव्हीलर होम फार मेंटली रिटायर्ड चिल्ड्रेन में मंदबुद्धि बच्चियों से दुष्कर्म मामले का खुलासा डिप्टी कमिश्नर की जांच से हुआ है।

एक समाज सेवी की शिकायत में लगाए गए तमाम आरोप पहली बार में सही पाए गए हैं। डीसी के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद पुलिस ने चार लोगों से पूछताछ शुरू की है जिसमें इस होम के निदेशक और चौकीदार भी शामिल हैं। इस खुलासे के बाद पूरे शहर में सनसनी फैल गई और विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गए हैं।

जिला प्रशासन तथा पुलिस की ओर से अब तक की गई जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं। बालिकाओं ने प्रशासनिक टीम को अपने साथ हुई आपबीती सुनाते हुए कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं।

बयान में बच्चियों ने उन्हें आश्रम से बाहर ले जाने की बात बताई है। बच्चियों को आश्रम से बाहर ले जाकर दूसरे स्थान पर उनके साथ दुष्कर्म किया जाता रहा।

कमजोर मानसिक स्थिति की वजह से बच्चियां लंबे समय से यह जुल्म सहती रहीं। बालिकाओं के साथ दुष्कर्म मामले की शिकायत एक माह पहले एक समाज सेवी ने त्रिकुटा नगर पुलिस को दी थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले को जिला प्रशासन के पास भेज दिया।

इस पर डीसी ने एडीसी सुषमा चौहान को बतौर चेयरपर्सन बनाया और एक टीम गठित की। इसमें एसडीपीओ ईस्ट एसएस संब्याल, मनोचिकित्सक राकेश बंसल और चाइल्ड लाइन की डायरेक्टर मंजली को शामिल किया गया। टीम के सदस्यों ने बड़ी होशियारी के साथ जांच आगे बढ़ाई और बालिकाओं से मिलने के बहाने जानकारियां जुटानी शुरू कीं।

जांच में बच्चियों से की गई बातचीत से यौन शोषण का पता चला। फिर एकाध बार एडीसी सुषमा चौहान अकेली जाकर भी बच्चियों से मिली। स्टाफ को दूर रखते हुए बच्चियों से बातें पूछी गईं तो उन्हें काफी हद तक आरोप सही लगे।

बालिकाओं से जब उन्हें बाहर ले जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कई अहम जानकारियां दीं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें आश्रम से बाहर ले जाकर किसी दूसरे स्थान पर रखा जाता था।

उन्होंने अपनी आपबीती सुनाकर जांच टीम को हैरत में डाल दिया। यौन सोषण में कई सफेशपोशों के भी शामिल होने की आशंका है। डीसी अजीत कुमार साहू ने बताया कि मामला काफी गंभीर है। प्रशासन और पुलिस मिलकर मामले की जांच कर रहे हैं।
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