कठुआ में हाईवे जाम कर सरकार की अग्निपथ योजना का विरोध करते युवा। संवाद
- फोटो : KATHUA
कठुआ। सेना में भर्ती होकर देश सेवा करने का सपना देख रहे युवाओं को सरकार की अग्निपथ योजना नागवार गुजरी है। सेना की लिखित परीक्षा का इंतजार कर रहे युवाओं का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। कालीबड़ी चौक से लेकर जीएमसी कठुआ तक युवाओं ने हाईवे पर रोष रैली निकालते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही आंशिक रूप से हाईवे पर यातायात को अवरुद्ध रखते हुए धरना भी दिया।
युवाओं ने 2020 में आयोजित शारीरिक परीक्षा के बाद से लंबित लिखित परीक्षा को रद्द किए जाने पर रोष जताया है। युवाओं ने कहा कि चार साल की सेना की नौकरी यदि युवाओं को 11 लाख रुपये के फायदे के लिए करनी है तो इससे बेहतर होगा कि युवा निजी क्षेत्र में काम करें। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस फैसले को तत्काल वापस लिया जाए। शुक्रवार की सुबह जम्मू पठानकोट नेशनल हाईवे किनारे कालीबड़ी में एकत्रित हो रहे युवा बिफर गए। उन्होंने भारत माता के जयघोष और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नेशनल हाईवे पर दौड़ लगाई। साथ ही रोष प्रदर्शन के दौरान सरकार को अपनी शक्ति का प्रदर्शन भी कर दिया। युवाओं ने दो टूक कहा कि जबतक सरकार फैसला वापस नहीं लेती तब तक युवा चुप बैठने वाले नहीं हैं।
युवाओं ने कहा कि सरकार का काम देश के भविष्य के हित में फैसले लेना है जबकि अग्निपथ योजना देश के युवाओं को अग्नि में झोंकने जैसी है। इस मौके पर पहुंचे पुलिस के अधिकारियों और तहसीलदार कठुआ ने युवाओं को आश्वासन दिया कि उनके मांग उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दी जाएगी।
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अग्निपथ का समर्थन करने वाले नेता अपनी पेंशन छोड़े
प्रदर्शनकारियों में शामिल तरुण रैना ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि सरकार की अग्निपथ योजना के तहत चार साल सेना की नौकरी में सिर्फ वेतन मिलेगा न ही पेंशन और न ही अन्य लाभ मिलने वाले हैं। जो लोग सरकार की इस योजना की हिमायत कर रहे हैं वो पहले अपनी पेंशन और अन्य लाभ छोड़ें फिर बात करें। प्रदर्शनकारी अन्य युवाओं ने मांग की है कि जो सांसद, विधायक व अन्य नेता इस योजना के लाभ बताकर देेश के युवाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, पहले वे अपनी पेंशन बंद करवाएं और लाभ छोड़ें। दूसरों को सोशल मीडिया या फिर टीवी पर आकर नसीहत देने वाले मोटी पेंशन सेना से हासिल कर रहे हैं और युवाओं के भविष्य को अंधेरे में धकेल रहे हैं, जिसे युवा बर्दाश्त नहीं करेंगे। चाहत शर्मा ने कहा कि युवा सुबह तीन चार बजे से स्टेडियम में पहुंचकर दौड़ लगाते हैं, अपना पसीना बहाते हैं कि वे सेना में भर्ती होकर देश सेवा करेंगे और अपने परिवार का पालन पोषण भी कर पाएंगे। लेकिन सरकार की नई योजना युवाओं के साथ भद्दा मजाक है। युवा प्रणव खजूरिया ने कहा कि बेरोजगारी के इस दौर में हजारों लाखों युवा सरकार की ओर रोजगार के लिए आस लगाए बैठे हुए हैं। नई योजना में युवाओं को 4 साल तक का रोजगार दिया जाएगा उसके आगे के भविष्य के बारे में कोई बात साफ नहीं है। गोपाल कुमार ने कहा कि सेना भर्ती के लिए पहले ही शारीरिक परीक्षा पास कर चुके हैं, लेकिन अभी तक लिखित परीक्षा नहीं कराई गई। दीपक शर्मा ने कहा कि सेना की वर्दी पहनने के लिए कई वर्षों तक तैयारी करने के बाद सरकार युवाओं को 4 साल के अनुबंध के आधार पर सेना में ले रही है, अगर सिर्फ 4 साल ही के लिए नौकरी देनी है तो फिर इतनी जद्दोजहद क्यों ? युवा विकास वर्मा ने कहा कि आज के दौर में जब युवाओं की मुख्य आवश्यकता रोजगार है ऐसे माहौल में सिर्फ 4 साल के लिए सेना में नौकरी देना लाखों बेरोजगारों युवाओं के साथ मजाक के सिवा कुछ नहीं है। उन्होंने तत्काल इस फैसले का वापस लेने की मांग की है।
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