स्वर्ण पदक विजेता पहलवान बीनिया मीन और इशाक अहमद
देश-प्रदेश को किया गौरवान्वित,
बसंतगढ़ के खनेड़ गांव के रहने वाले हैं बीनिया मीन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान बीनिया मीन और इशाक अहमद ने अमेरिका में आयोजित वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स के कुश्ती वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। बीनिया ने 95 किलोग्राम और इशाक ने 125 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण जीते हैं। इस जीत ने विश्व पटल पर जम्मू-कश्मीर पुलिस का परचम फहरा दिया। फाइनल में उन्होंने अमेरिका के पहलवान को हराकर अपने देश और प्रदेश का नाम रोशन किया।
बीनिया मीन उधमपुर जिले की तहसील बसंतगढ़ के खनेड़ गांव के रहने वाले हैं। बीनिया और इशाक की जीत सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर पुलिस के जज्बे का सुबूत है। जम्मू-कश्मीर पुलिस एक ओर जहां आतंकवाद के विरुद्ध मोर्चा संभाले खड़ी है, वहीं दूसरी ओर खेल के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का परचम लहरा रही है। बीनिया ने फाइनल मुकाबले में मेजबान देश अमेरिका के पहलवान को शिकस्त दी और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
ऑल इंडिया पुलिस रेसलिंग चैंपियनशिप में भी स्वर्ण जीत चुके
बीनिया ने 2023 में ऑल इंडिया पुलिस रेसलिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसके बाद उन्होंने 2024 में इसी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। इसी प्रदर्शन के दम पर उनका चयन विश्व पुलिस खेलों के लिए हुआ था। जहां उन्होंने एक बार फिर साबित किया कि वह न सिर्फ जम्मू कश्मीर बल्कि विश्व के सबसे अच्छे पहलवानों में से एक है।
देश के लिए प्रेरणा
जम्मू-कश्मीर भारतीय शैली कुश्ती संघ के अध्यक्ष शिव कुमार शर्मा और द्रोणाचार्य अवार्ड विजेता वुशू टीम के कोच कुलदीप हांडू ने बीनिया और इशाक की इस उपलब्धि को जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए एक मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन दर्शाता है कि दूरदराज के गांवों से निकलकर भी कोई युवा विश्व मंच पर देश का झंडा बुलंद कर सकता है। उनकी सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ा सपना देखते हैं। उन्होंने इस सफलता को जम्मू कश्मीर में खेलों का नया अध्याय बताया है।