एनएचपीसी सेवा-2 परियोजना में कार्यरत अस्थायी श्रमिकों (कैजुअल श्रमिक) की हड़ताल सोमवार देर शाम समाप्त हो गई। यह निर्णय एनएचपीसी प्रबंधन और मजदूर यूनियन प्रतिनिधियों के बीच हुई सकारात्मक वार्ता के बाद लिया गया। यूनियन की ओर से बताया गया कि वार्ता में प्रमुख मांगों पर सहमति बनी, जिसके बाद हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया गया।
पिछले कई दिनों से कैजुअल श्रमिक नियमितीकरण, मजदूरी में बढ़ोतरी और कार्य की स्थिरता को लेकर आंदोलित थे। उनका कहना था कि वे वर्षों से परियोजना में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं प्राप्त नहीं हुईं।
बैठक में एनएचपीसी प्रबंधन ने श्रमिकों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। कुछ मांगों को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। मजदूर यूनियन के नेताओं ने स्पष्ट किया कि प्रबंधन की ओर से मिले लिखित प्रस्ताव और आश्वासन के बाद ही हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
यूनियन के प्रधान दीपक पाला ने कहा कि हमारी हड़ताल का उद्देश्य जनता की सेवा में बाधा डालना नहीं था बल्कि अपने अधिकारों की रक्षा करना था। अब जब प्रबंधन ने हमारी बात सुनी और सकारात्मक पहल का भरोसा दिया तो हमने भी कार्य पर लौटने का निर्णय लिया है। एनएचपीसी के वरिष्ठ अधिकारी मदन लाल शर्मा ने कहा कि कैजुअल लेबर हमारी परियोजना का अभिन्न हिस्सा हैं। हम उनके हितों के लिए हरसंभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हड़ताल समाप्त होने के बाद परियोजना क्षेत्र में कार्य पुनः सामान्य रूप से शुरू हो गया है।