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फंडों के बिना लंबित पड़ी आईएसबीटी योजना

Tue, 27 Sep 2016 01:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कठुआ
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Uri Attack effect: India-Pak Bus service Karwan-e-aman may be canceled - फोटो : file photo
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शहर से सटकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे पर वाहनों की भरमार है, लेकिन परिवहन विभाग के अंतरराज्यीय रूट के यात्री वाहन जिला मुख्यालय में रुके बिना गुजर जाते हैं। अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) की अधिसूचना जारी होने के बावजूद बस अड्डा नहीं होने से यात्री वाहन नहीं रुक पाते हैं।
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दशकों पुरानी मांग के मूर्त रूप लेने का काम तो शुरू हुआ, लेकिन अधर में ही लटका हुआ है। इस वित्तीय वर्ष की शुरुआत में आईएसबीटी को सक्रिय किए जाने के दावे भी हवा हवाई साबित हुए। खरोट मोड़ के नजदीक बनाए जा रहे इस इंटर स्टेट बस टर्मिनल में लेवलिंग का काम जहां बीते वित्तीय वर्ष में ही पूरा कर लिया गया था, वहीं फंड्स के अभाव में न तो अभी तक तारकोल बिछ पाई है और न ही यात्री शेड, बुकिंग काउंटर और दुकानों की सुविधा मुहैया हो पाई है।

सुनने में हैरत जरूर होगी, लेकिन देर आए दुरुस्त आए की तर्ज पर यह प्रोजेक्ट करोड़ों का है। पहले चरण में समतलीकरण के साथ साथ तारकोल बिछाने, शेड डालने और दो दुकानें बनाने का काम होना था, लेकिन राशि के अभाव में काम अधूरा ही पड़ा हुआ है।
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शुरुआत में पचास लाख से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है, लेकिन इसे सक्रिय करने के लिए अभी भारी भरकम राशि की आवश्यकता है। बस अड्डे को पूरी तरह से तैयार करने के लिए 14 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि प्रस्तावित की गई है। दरअसल, जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे पर अंतरराज्यीय बसों का आवागमन तो होता है, लेकिन कठुआ जिले में ये बसें केवल राज्य के प्रवेशद्वार लखनपुर पर ही रुकती हैं।

इसके बाद बसों का जिला मुख्यालय से सटे इलाकों में अधिकारिक रूप से कहीं पर भी पड़ाव नहीं है। ऐसे में जिला अस्पताल से सटे चक सज्जन इलाके में बस अड्डे की परियोजना मूर्त रूप लेने जा रही है। अंतरराज्यीय बस अड्डे के लिए वर्ष 2006 से संघर्ष कर रहे कठुआ विकास मंच के अध्यक्ष प्रो. राममूर्ति शर्मा ने बताया कि चक सज्जन में सिंचाई विभाग से एनओसी लेकर 10 कनाल 5 मरला भूमि का राजस्व रिकॉर्ड सौंपा गया था।

बस अड्डे के लिए 29 नवंबर 2011 को 29/एमवीडी/पी 2011 संख्या से अधिसूचना जारी कर दी गई, लेकिन भूमि नहीं मिलने की वजह से मामला अधर में रहा था। इसके बाद भमि का अधिग्रहण कर लिया गया।

समतलीकरण का कार्य भी हुआ, लेकिन अभी काफी काम होना बाकी। समय-समय पर अधिकारियों से इसे जल्द से जल्द सक्रिय करने के संबंध में ज्ञापन भी सौंपे जा चुके हैं। अंतरराज्यीय बस अड्डा बनने से जहां इलाके का विकास होगा, वहीं लोगों की चीरलंबित मांग भी पूरी होगी।

कठुआ में हाईवे से सटे भूमि पर आईएसबीटी का काम जारी है। इंटर स्टेट बस स्टॉप के लिए जारी हुई राशि से समतलीकरण का कार्य ही पूरा हो सका है, ऐसे में सरकार को अगली किश्त जारी करने के लिए लिखा गया है ताकि तारकोल बिछाने से लेकर अन्य प्रस्तावित काम जल्द पूरे किए जा सकें।
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सौजन्य शर्मा
-निदेशक, अर्बन लोकल बाडीज जम्मू
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