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Kathua News: बढ़ती गर्मी के साथ बच्चों में बढ़ रहे उल्टी-दस्त और अपच के मामले

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जीएमसी कठुआ की ओपीडी में मरीजों की संख्या में करीब 40 फीसदी बढ़ोतरी
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले में बढ़ते तापमान का असर अब बच्चों के स्वास्थ्य पर भी साफ दिखाई देने लगा है। गर्मी बढ़ने के साथ ही बच्चों में उल्टी-दस्त, अपच, वायरल बुखार और अन्य जलजनित रोगों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) कठुआ में इन बीमारियों से पीड़ित बच्चों की संख्या में पिछले एक माह के दौरान करीब 40 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है।

शिशु रोग विभाग के अनुसार, अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 200 से 250 बच्चे उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से लगभग 40 से 50 बच्चे दस्त, उल्टी, अपच और वायरल बुखार जैसी समस्याओं से ग्रसित पाए जा रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इन मामलों में बड़ी संख्या दूषित पानी और अस्वच्छ खानपान से जुड़ी हुई है। विभागीय जानकारी के अनुसार, मई में तापमान बढ़ने के साथ बच्चों के बीमार होने का सिलसिला शुरू हुआ था, जो लगातार जारी है। चिकित्सकों का कहना है कि अस्पताल में आने वाले करीब 40 प्रतिशत बच्चों की बीमारी का कारण जलजनित संक्रमण है। तीव्र आंत्रशोथ (गैस्ट्रोएंटेराइटिस), टाइफाइड और पीलिया जैसी बीमारियां इस मौसम में तेजी से फैलती हैं और बच्चे इनकी चपेट में जल्दी आ जाते हैं।
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डॉक्टरों के अनुसार, तेज गर्मी के दौरान बर्फ मिला पानी पीना, अधपाश्चुरीकृत दूध से बनी आइसक्रीम और अन्य खाद्य पदार्थों का सेवन तथा कुछ क्षेत्रों में हैंडपंपों के दूषित पानी का उपयोग बीमारी का कारण बन रहा है। इसके चलते न केवल बच्चे बल्कि वयस्क भी वायरल बुखार, दस्त, उल्टी और अपच जैसी समस्याओं से प्रभावित हो रहे हैं।
अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, गर्मी शुरू होने से पहले प्रतिदिन 25 से 30 बच्चे इन बीमारियों के उपचार के लिए पहुंचते थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 40 से 50 प्रतिदिन हो गई है। मौजूदा समय में ओपीडी में आने वाले अधिकांश बच्चों में दस्त, अपच और उल्टी जैसी शिकायतें देखी जा रही हैं।
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बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए चिकित्सकों की सलाह

पीने के पानी को उबालकर या शुद्ध करके ही इस्तेमाल करें।
छोटे बच्चों के हाथ नियमित रूप से साबुन से धुलवाएं।
खासी-जुकाम से पीड़ित लोगों को बच्चों के सीधे संपर्क से दूर रखें।
बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थ दें।
गंदगी और दूषित वातावरण वाले स्थानों पर बच्चों को जाने से रोकें।
घर में कोई बीमार हो तो बच्चों को उससे उचित दूरी पर रखें।


वर्जन
बढ़ते तापमान का बच्चों के स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है। गर्मी के कारण दस्त, उल्टी और अपच जैसी बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को केवल उबला या शुद्ध पानी ही पिलाएं तथा बाहर मिलने वाली आइसक्रीम और अन्य खुले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचाएं। इससे बच्चों को मौसमी बीमारियों से काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है। - डॉ. सुरिंदर कुमार अत्री, प्रधानाचार्य, जीएमसी कठुआ
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