वर्ष 2016 बीत गया और आज नए वर्ष का पहला दिन है। बीते साल की खट्टी मिठी यादों और भविष्य के बारे में कठुआ शहर के युवाओं ने अपने मन की बात कही है। युवा चाहते हैं नए साल (2017) में देश में अमन और विकास की बयार बहे। हमारा देश ऐसा बने जहां महिलाओं को भी आगे बढ़ने के और अवसर मिलें, सीमा पर शांति कायम हो और देश विकास करते हुए फिर से विश्व गुरु बने।
कालेज विद्यार्थी विकास शर्मा चाहते हैं कि देश का हर व्यक्ति चाहे वह किसी भी मजहब का हो या किसी भी वर्ग का हो, सभी नए साल पर देश हित को प्राथमिकता दें। वे यह भी चाहते हैं कि देश के राजनीतिक दल एकजुट होकर भारत को नई ऊंचाइयों की तरफ ले जाएं। डिग्री कालेज हीरानगर की छात्रा पल्लवी चाहती हैं नए वर्ष में पार्टियों के झगड़े बंद हों।
पिछली सरकार से जो काम अधूरे रह गए, नई भाजपा-पीडीपी सरकार उसे तो पूरा करे ही, नए कीर्तिमान भी बनाए। जनहित, देशहित को प्राथमिकता दी जाए। जनता से वही वादे किए जाएं, जिन्हें पूरा किया जा सके। ऐसा कहना है बुलंद इरादे रखने वाले अमित शर्मा का। नए साल पर अपने मन की बात को साझा करते हुए अमित ने कहा कि वे चाहते हैं कि सरकार की योजनाएं सिर्फ कागजों पर न बनें, उनका जमीनी स्तर पर गरीबों को लाभ मिले।
विरोधी दल सत्तापक्ष की तरफ सिर्फ उंगली न उठाएं, गरीबों को फायदा पहुंचाने के लिए मिलजुलकर काम करें। जितेंद्र शर्मा चाहते हैं कि देश की जनता की तरह रियासत के लोग भी भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आएं। केंद्र ने इस दिशा में एक प्रयास किया है। इस प्रयास को और मजबूत किया जाना चाहिए। संसद में हंगामा खड़ा करना ही मकसद न हो, देश की तस्वीर बदलने के लिए हमारे सभी माननीयों को एकजुट होकर एक आदर्श पेश करना चाहिए।