कठुआ। जिले भर में बारिश और बर्फबारी के बाद चौथे दिन मौसम साफ हुआ। रविवार को खिलखिलाती धूप निकली, जिससे लोगों के साथ किसानों ने भी राहत की सांस ली। हालांकि पहाड़ी इलाकों में दोपहर तक बादल छाए रहे। लोग घरों की छतों पर और मैदानों में धूप सेंकते नजर आए। पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी के बाद रविवार को मौसम साफ होने के बाद लोग अपने मकानों की छतों पर बिछी बर्फ की चादर को हटाने में लगे रहे। कई दिनों बाद मौसम खुलने से बाजारों में भी रौनक दिखी। रविवार को छुट्टी का दिन और होली के चलते लोगों ने खूब खरीदारी की। लोग दिन भर गुलाल, पिचकारियों, मिठाइयों आदि की खरीदारी में जुटे रहे।
बिजली विभाग ने बनी सहित लोहाई मल्हार के इलाकों में बिजली सप्लाई बहाल करने का काम शुरू कर दिया। रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 11 डिग्री दर्ज किया गया है। बारिश थमने के बाद किसान भी खेतों में काम करते दिखाई दिए। खेतों में जमा बारिश के पानी की निकासी के जहां प्रबंधन किए गए वहीं फसलों की देखरेख में भी जुट गए हैं।
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पहाड़ी सड़कों पर फिसलन से बहाल नहीं हो सका यातायात
बिलावर। उप जिले में छह दिन बाद रविवार को धूप खिली, जिससे चार दिन से पड़ रही कड़ाके की ठंड से लोगों को राहत मिली। मौसम साफ होने से बाजारों में भी रौनक देखने को मिली। धार-डूगनु, कटली, मल्हार, कटली देहरी गलां, मछेड़ी, बदनोता, किंडली और अन्य कई पहाड़ी सड़कों पर फिसलन की वजह से अभी भी यातायात बहाल नहीं हो सका है। चौथे दिन भी पहाड़ी इलाकों का संपर्क जिला मुख्यालय से कटा रहा। रविवार अवकाश के चलते ज्यादातर लोग छुट्टी के दिन धूप सेंकते नजर आए।
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रंगों और पिचकारियों से बाजार गुलजार
बिलावर। होली से पूर्व ही उपजिले के नगरों और गांवों के बाजारों में दुकानें रंगों और पिचकारियों से गुलजार हो गई हैं। त्योहार को लेकर बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। लोग इसके लिए खरीदारी करने में जुट गए हैं। चार दिन बाद मौसम साफ होने से रविवार को बाजारों में खूब रौनक दिखी। दुकानदारों ने कई प्रकार की पिचकारियों की वैरायटी बाजार में उपलब्ध करवाई है। इस बार भी चाइनीज पिचकारी की खूब डिमांड है। बाजारों में ज्यादातर बच्चों ने विशेष तौर पर पिचकारियों और रंगों की खरीदारी की। रंगों के इस त्योहार के लिए कुछ युवा विशेष तौर पर कई प्रकार के लाल, हरे और पीले गुलाल खरीदते हुए नजर आए। व्यापारियों के अनुसार इस वर्ष पिछले साल की तुलना में रंगों के दाम में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि जिस रंग के पैकेट का मूल्य पिछले वर्ष 50 रुपये था वह इस वर्ष 80 रुपये में बिक रहा है। डॉक्टरों की लोगों को सलाह है कि केमिकल युक्त रंगों का प्रयोग न करें, ये त्वचा के लिए हानिकारक होते हैं। आंखों के लिए भी खतरा बनते हैं, इसलिए गुलाल और फूलों की होली ही खेलनी चाहिए।