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Kathua News: गलियों और नालियों में बह रहा पानी, लोग बूंद-बूंद को तरसे

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कठुआ। शहर के गोबिंदसर इलाके की पांच हजार की आबादी पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रही है। यहां जलापूर्ति के लिए ट्यूबवेल लगा है और एक लाख गैलन क्षमता की ओवरहेड टंकी भी चालू हालत में है लेकिन पानी की कमी का प्रमुख कारण जलशक्ति विभाग के जर्जर ढांचे में लीकेज है।
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गोबिंदसर इलाके में ढांचा इतना जर्जर है कि लोगों के घरों में पहुंचने से पहले ही लीकेज से पानी गलियों और नालियों में बह जाता है। ऐसे में गोबिंदसर की अधिकतर आबादी के नल सूखे रहते हैं। अगर कहीं पानी पहुंचता भी है तो वह पीने लायक नहीं होता। वहीं, बिजली बंद होने के दौरान टंकी का पूरा पानी वॉल्वों से निकलकर नालियों में बह जाता है। इसके चलते लोग खासे परेशान हैं। अभी गर्मी की शुरुआत में ही इलाके में पानी की कमी लोगों के लिए मुसीबत बन चुकी है। लोगों का कहना है कि कई बार लीकेज के बारे में अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
रेलवे प्रशासन ने पानी देने से किया मना
स्थानीय लोगों के मुताबिक हर बार गर्मियों में पानी की किल्लत पेश आती थी। पिछले चार वर्ष से पानी की कमी अधिक हुई। इसके बाद लोगों ने रेलवे स्टेशन से पानी भरना शुरू कर दिया। इससे कुछ हद तक लोगों को पीने के लिए पानी मिलने लगा था लेकिन जब से वंदे भारत कठुआ रेलवे स्टेशन पर रुकनी शुरू हुई, उसके बाद रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा का हवाला देकर लोगों के स्टेशन से पानी भरने पर रोक लगा दी। अब पानी को लेकर लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि बिजली जाने पर सारा पानी लीक वॉल्वों से बहकर बर्बाद हो जाता है।
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12 वॉल्व से व्यर्थ बह रहा पानी
बता दें कि ओवरहेड टैंक और ट्यूबवेल के पास लगे सभी आठ वॉल्व लीक हैं। ट्यूबवेल चालू होते ही उसमें से पानी के फुव्वारे छूटने लगते हैं। इसके अलावा चार अन्य स्थानों पर लगाए गए वॉल्व लीक हैं। इसके चलते रोजाना हजारों गैलन पानी व्यर्थ बह जाता है। हालात यह हैं कि जर्जर ढांचे के कारण अधिकतर घरों में पानी की एक बूंद तक नहीं पहुंच पाती। वहीं, कई घरों में पहुंचने वाला पानी पीने और रसोई में इस्तेमाल लायक नहीं होता।
स्पेशल लाइन से कनेक्ट नहीं ट्यूबवेल का कनेक्शन
बिजली बंद होने की स्थिति में लोगों की जलापूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए एक स्पेशल लाइन बिछाई गई है ताकि ट्यूबवेल उस स्पेशल लाइन से संचालित हो सके लेकिन गोबिंदसर का ट्यूबवेल उस लाइन से जुड़ा नहीं होने के कारण बिजली बंद होते ही ट्यूबवेल भी बंद हो जाता है। लोगों का कहना है कि 2006 में पानी की किल्लत से परेशान लोगों ने पीएचई को उक्त ओवरहेड टैंक और ट्यूबवेल लगाने के लिए अपनी जमीन दी थी लेकिन पानी की किल्लत दूर नहीं हुई।
जल जीवन मिशन के तहत बिछी पाइप लाइन, लेकिन कनेक्शन नहीं
जलशक्ति विभाग ने गोबिंदसर के बड़े इलाके में जल जीवन मिशन के तहत नई पाइप लाइन बिछा रखी है। कुछ इलाकों में ही जल जीवन मिशन के तहत काम बाकी है लेकिन बिछाई गई लाइन को भी कनेक्शन नहीं दिया गया। अभी भी खस्ताहाल पाइप लाइन से जलापूर्ति की जा रही है। इससे पानी व्यर्थ बहता है। लोगों का कहना है कि अगर जेजेएम के तहत किया जाने वाला काम पूरा लिया जाए और नई पाइपों से जलापूर्ति की जाए तो बड़ी समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है।
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पानी की लीकेज से गोबिंदसर की पांच हजार की आबादी को जलसंकट का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में कई बार संबंधित अधिकारियों को लिखित में शिकायत दी गई लेकिन उसका हल आज तक नहीं हुआ। विभाग की ढीली कार्यप्रणाली से अमूल्य पानी गलियों और नालियों में बहता है।
-मोहन पंडोत्रा स्थानीय निवासी
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पेयजल की आपूर्ति विश्वसनीय और पर्याप्त न होने के कारण लोग एक दिन आने वाला पानी स्टोर करके रखते हैं ताकि अगले दिन या फिर जब कभी उन्हें जरूरत हो तो उसका इस्तेमाल कर सकें। हर साल इसी स्टोर किए गए पानी के कारण यहां डेंगू और मलेरिया से लोग पीड़ित होते हैं लेकिन पानी ऐसी जरूरत है कि लोगों को समस्याओं के बावजूद इसे स्टोर करना पड़ता है। अगर पर्याप्त पानी उपलब्ध हो तो लोगों को इससे बचाया जा सकता है।

-रोमी कुमार, निवासी गोबिंदसर




पानी की सप्लाई गोबिंदसर में कभी भी संतोषजनक नहीं रही है। हालांकि इस बाबत बार-बार संबंधित विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों तक समस्या पहुंचाई गई है लेकिन इसके बावजूद समस्या का पूरी तरह से निदान करने के लिए कोई पहल नहीं की जाती है। इससे कई सालों से यहां लोग पेयजल संकट से परेशान हैं।-
पवन कुमार, निवासी गोबिंदसर
-हर वॉल्व को दिन में कई बार खोलना और बंद करना होता है। ऐसे में वॉल्व लीक हो जाते हैं। ज्यादा लीकेज से पानी अधिक बर्बाद होता है। अभी संबंधित एईई से उक्त इलाके को चेक करवाया जाएगा और जल्द ही उक्त लीकेज का हल किया जाएगा ताकि गोबिंदसर के लोगों को पानी की किल्लत पेश न आए।
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-गिरधारी लाल गुप्ता, एक्सईएन, जलशक्ति विभाग
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