अयोध्या, प्रयागराज, बनारस, गोवा, अंडमान, लक्षद्वीप और पटना जैसे 18 शहरों की तरह कश्मीर में भी वॉटर मेट्रो को लेकर कवायद अंतिम चरण में है। अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की ओर से झेलम और डल झील में पर्यटन और स्थानीय आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से इस परियोजना पर लगभग नौ सौ करोड़ से काम किया जा रहा है।
कोची मेट्रो रेल लिमिटेड ने परियोजना का प्रारूप तैयार कर लिया है जिसमें अब झेलम और डल में चार नई लोकेशन को भी शामिल कर लिया गया है। आठ रूट और 101.60 किमी की दूरी वॉटर मेट्रो से पूरी की जा सकेगी। खास बात है कि डल झील के ईको सिस्टम को बनाए रखने के लिए इसमें इलेक्टि्रक नाव चलाए जाने की योजना है। इसके लिए चार्जिंग टर्मीनल किनारों पर बनाए जाएंगे।
धार्मिक, वाणिज्यिक, कार्यालय यात्रियों और आवासीय क्षेत्रों को एकीकृत करने के लिए मार्ग और रूट डिजाइन किए गए हैं। पहले चरण में श्रीनगर, पटना, वाराणसी, गुवाहाटी, अयोध्या व प्रयागराज जबकि दूसरे चरण में परियोजना को गोवा, अंडमान, तेजपुर, डिब्रूगढ़ अहमदाबाद व सूरत जैसे शहरों में शुरू किया जा रहा है। तीसरे चरण में कटक, लक्षद्वीप, कोलकाता, मंगलौर, एलेप्पी व कोल्लम परियोजना को अमली जामा पहनाया जाएगा। सूत्रों की मानें तो प्रदेश सरकार और अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण ने समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए हैं।