जम्मू में होने के वाले प्रदर्शन में हिस्सा होने के लिए जिले भर से हड़ताली रवाना
कठुआ। नियमित किए जाने की मांग को लेकर जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। सोमवार को जम्मू में होने के वाले प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए जिला भर से हड़ताली कर्मचारियों के वहां जाने से कहीं भी कोई धरना प्रदर्शन नहीं हुआ है। मगर लगातार जारी इस हड़ताल से से जिले के कंडी क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने लगा है।
शहर से सटे चक रामचंद और लोगेट मोड़ में पिछले चार दिनों से पानी की सप्लाई न होने के कारण अब लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है। पूर्व नायब सरपंच सतपाल चौधरी ने बताया कि अब गर्मी भी बढ़ने से पानी की मांग भी बढ़ रही है। मगर नलों से पानी की बंूद भी नहीं टपक रही है। अगर ऐसे ही हालात रहे तो आने वाले दिनों में लोग पानी के लिए सड़क पर उतर सकते हैं।
वहीं, सहार के पूर्व सरपंच भोली सिंह जसरोटिया ने बताया कि उनके गांव में पहले ही आठ से दस दिन के बाद पेयजल आपूर्ति होती थी। इस बार तो 14 दिन हो चुके हैं। लोग पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए निजी टैंकर पर आश्रित होकर रह गए हैं। उन्हें हर तीसरे और चौथे दिन 600 रुपये खर्च कर पानी का टैंकर मंगवाना पड़ रहा है। खरोट गांव के पूर्व सरपंच मोहन सिंह ने सरकार को घेरते हुए कहा कि विधानसभा की एक बैठक में विधायकों के वेतन की बढोत्तरी व अन्य खर्चों पर फैसला हो जाता है। मगर अस्थायी कर्मचारियों की आवाज सालों में भी सरकार के कानों तक नहीं पहुंच पाती है। इस कारण लोगों को इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि उनके गांव में लोग टैंकर से खरीदकर पानी इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन कई ऐसे भी घर हंै जहां टैंकरों का पहुंच पाना ही संभव नहीं है। ऐसे परिवारों को पानी की एक-एक बंद के लिए परेशान होना पड़ रहा है। बता दें कि जलशक्ति विभाग ने हड़ताल से पहले सभी पंपिग स्टेशनों पर नियमित कर्मचारियों को तैनात करने का दावा किया था। मगर यह व्यवस्था शहरी क्षेत्र तक ही सीमित है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ता जलसंकट आने वाले दिनों में बड़ी समस्या का कारण बन सकता है। संवाद