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आंधी, ओलावृष्टि और बारिश ने खेतों में बिछाई गेहूं

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बारिश और आंधी-तूफान की वजह से शीतलनगर भीगी गेंहू की फसल। - फोटो : KATHUA
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कठुआ/बसोहली। इस साल मौसम का मिजाज मई में भी उथल-पुथल लाता नजर आ रहा है। शनिवार रात आंधी-तूफान और बादलों की गड़गड़ाहट के साथ रुक-रुककर बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई। जिले के दूर-दराज पहाड़ों पर बर्फ की चादर फिर बिछ गई। मई में बिगड़े मौसम ने लोगों को फिर से ठंड का अहसास करवा दिया है। उधर, इसका असर बनी भद्रवाह मार्ग पर चल रहे बर्फ हटाने के काम पर भी पड़ा है। आंधी, ओलावृष्टि और 11 एमएम हुई बारिश से किसानों की मेहनत पर भी पानी फिर गया है। पूरी तरह कटने को तैयार गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई। जिले के अधिकांश हिस्सों में चल रही फसलों की कटाई भी प्रभावित हुई है। खासकर उन किसानों को काफी नुकसान हुआ है, जिनकी फसलें कटाई के बाद अभी समेटी नहीं गई हैं।
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हालांकि कृषि विशेषज्ञों के अनुसार शनिवार रात हुई बारिश ने खड़ी फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाया है। कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विशाल महाजन ने किसानों को सलाह दी है कि किसान नुकसान से बचने के लिए उतनी ही फसल काटें, जिसे शाम तक समेट सकें। अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को भी बारिश की संभावना है। सोमवार को दिन में अधिकतम तापमान 32 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम 19 डिग्री रहा। ऐसे में किसानों को एहतियात बरतने की जरूरत है। उधर, किसान गेहूं की फसल की कटाई के समय पर हो रही असमय बारिश से परेशान हैं। किसानों के अनुसार उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ा है। बसोहली के किसान रूप सिंह, गरमेल सिंह, कुलवंत सिंह, अंकुश कुमार, तिलक मनकोटिया आदि ने बताया कि यदि बारिश जारी रही तो खेतों में काटी गई फसल झड़ने लगेगी, इससे काफी नुकसान होगा। रविवार सुबह तेज हवाओं के कारण तैयार हो चुकी गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई। इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं।
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40 हजार हेक्टेयर में बीजी गई है गेहूं
18 हजार हेक्टेयर में काटी जा चुकी
22 हजार हेक्टेयर में खड़ी है फसल
कोट्स
नमी होने के कारण फसल की कटाई में देरी हो रही है। फसल की कटाई में जितनी धूप हो उतनी गुणवत्ता होती है। जिले में 40 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल बीजी गई है। कठुआ, हीरानगर के कंडी इलाकों में लगभग 18 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फसल की कटाई हो चुकी है, जबकि बिलावर और बसोहली में आगाज हुआ है। अभी तक 22 हजार हेक्टेयर में फसल खड़ी है।
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- विजय उपाध्याय, मुख्य कृषि अधिकारी, कठुआ।
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बिलावर-हीरानगर में गिरे पेड़े, कई इलाकों में बत्ती गुल
बिलावर/हीरानगर। उपजिले के साथ-साथ हीरानगर में शनिवार देर रात तेज आंधी से कई जगह पेड़ बिजली के तारों पर गिर गए। इससे कई इलाकों में बिजली सप्लाई ठप हो गई, जो सोमवार तक बहाल नहीं हो पाई। मूसलाधार बारिश से गेहूं की कटाई का काम रुक गया है। किसान रामनरेश, किशोरी लाल, शमशुद्दीन, दर्पण कुमार आदि ने बताया कि लगातार बारिश से तैयार हो चुकी फसल को नुकसान पहुंच रहा है। शनिवार देर रात 12:00 से शुरू हुई बारिश सुबह करीब आठ बजे तक लगातार जारी रही। हीरानगर के निवासी बब्बी शर्मा ने बताया कि मजदूर न मिलने के कारण फसल कटाई में देरी हो गई। रात को बारिश और तेज हवा के कारण आधे से ज्यादा फसल खराब हो गई। खेत में पानी भरने से बची हुई फसल काटना भी मुश्किल हो गया है। बिजली के तार टूटने से पक्का कोठा, सपरेन आदि कई इलाकों में रविवार रात और सोमवार दिन भर बिजली आपूर्ति ठप रही। विद्युत विभाग के कर्मी सप्लाई बहाल करने में लगे हैं।
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