कठुआ। महिला सशक्तीकरण के लिए ब्लॉक बसोहली में आजीविका सेवा केंद्र (एलएससी) खोला गया है। जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन (जेकेआरएलएम) की निदेशक डॉ. शुभ्रा शर्मा ने इसका वर्चुअल उद्घाटन किया। इस केंद्र का उद्देश्य ग्रामीण उद्यमिता को सशक्त करना और स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के सदस्यों को स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान करना है।
इस दौरान मिशन की निदेशक ने एसएचजी की सदस्य महिलाओं से संवाद कर उन्हें आत्मनिर्भरता और कौशल विकास का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र प्रशिक्षण, उत्पाद विकास, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन सहायता जैसी सेवाएं प्रदान करेगा। यह ग्रामीण महिलाओं को उनकी आय-संबंधी गतिविधियों में निरंतर मार्गदर्शन देगा। अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक और स्थायी प्रभाव उत्पन्न करेगा।
निदेशक डॉ. शुभ्रा ने इस पहल को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और एसएचजी सदस्यों की आय बढ़ाने का साधन बताया। उन्होंने कहा कि आज हम एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत कर रहे हैं, जो न केवल महिलाओं की आजीविका को सशक्त बनाएगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी। यह केंद्र महिलाओं की मेहनत, सपनों को पूरा कर आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदम है।
निदेशक डॉ. शुभ्रा ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखती है। जब महिलाएं आत्मनिर्भर होती हैं, तो वे न केवल अपने परिवार को सशक्त बनाती हैं, बल्कि पूरे समुदाय को आगे बढ़ाने में योगदान देती हैं।
यही कारण है कि जेकेआरएलएम ने इस केंद्र की स्थापना की है, ताकि महिलाओं प्रशिक्षण, उत्पाद विकास, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन सहायता जैसी सुविधाएं मिल सकें। कार्यक्रम का समापन समूह सदस्यों के लिए प्रेरणादायक संदेश के साथ हुआ, जिसमें उन्हें इस केंद्र का पूरा उपयोग कर स्थानीय आर्थिक विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया गया।