कठुआ के जंगलोट में हुए नुकसान की जानकारी लेते केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंहसंवाद
कठुआ। जम्मू क्षेत्र के लिए भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) का एक क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने जा रहा है। यह घोषणा कठुआ में केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने की। बताया कि यह केंद्र पूरे जम्मू प्रांत की सेवा करेगा। साथ ही उन्होंने हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिरता के लिए एक राष्ट्रीय मिशन शुरू करने की जानकारी दी। इससे पहले कठुआ जिले के घाटी, जंगलोट, भेड़ बलोड और डोल खड्ड क्षेत्रों में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज प्रभावित स्थलों का दौरा किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
डॉ. सिंह ने जल और बिजली जैसी आवश्यक सेवाओं को आज शाम तक बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पहुंचना कठिन है वहां तत्काल जल टैंकर, सोलर लाइट और मेडिकल एंबुलेंस की व्यवस्था की जाए। उन्होंने यह भी बताया कि पीने के पानी की आपूर्ति टैंकरों के माध्यम से की जाएगी और सेवाएं बहाल होने के बाद मोबाइल नेटवर्क को भी पुनर्स्थापित किया जाएगा। मंत्री ने बताया कि प्रारंभिक आकलन के अनुसार लगभग 25 करोड़ का नुकसान हुआ है और दीर्घकालिक पुनर्वास की लागत 100 करोड़ से अधिक हो सकती है। उन्होंने कहा कि जिनके घर बाढ़ में बह गए हैं उन्हें दोबारा घर बनाकर दिए जाएंगे और जमीन भी उपलब्ध कराई जाएगी।
डॉ. सिंह ने अपने निजी संसाधनों से राशन किट वितरित की और राहत सामग्री भी बांटी। उन्होंने संसद सत्र के चलते दौरे में हुई देरी पर खेद जताया, लेकिन बताया कि वे लगातार उपायुक्त और एसएसपी से संपर्क में थे और स्थिति की जानकारी लेते रहे। डॉ. सिंह ने भारतीय सेना, वायुसेना, सीआरपीएफ और स्थानीय प्रशासन की तत्परता की सराहना की, जिन्होंने खराब मौसम के बावजूद हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से घायलों को पठानकोट पहुंचाया।
उन्होंने नागरिक समाज से अपील की कि वे बाढ़ संभावित क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण रोकने में प्रशासन का सहयोग करें। साथ ही उन्होंने घटिया निर्माण कार्यों के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों और अभियंताओं की जवाबदेही तय करने की बात कही।
इसके उपरांत डॉ. सिंह ने सरकारी मेडिकल कॉलेज कठुआ में भर्ती घायलों से मुलाकात की। प्राचार्य डॉ. अत्री के साथ उन्होंने सभी वार्डों का दौरा किया और मरीजों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि सभी मरीज खतरे से बाहर हैं और कई जल्द ही छुट्टी पा सकते हैं। साथ ही टाटा मेमोरियल सेंटर मुंबई द्वारा संचालित डे-केयर कैंसर थेरेपी सुविधा को जल्द अपग्रेड करने की घोषणा की।