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Udhampur: उधमपुर की कलाड़ी अब 10 दिनों तक रहेगी तरोताजा, मन की बात में पीएम मोदी ने किया था जिक्र

Tue, 12 May 2026 11:54 AM IST
Nikita Gupta साहिल खजूरिया, संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ

सार

उधमपुर की पारंपरिक दूध उत्पाद कलाड़ी की शेल्फ लाइफ अब वैज्ञानिकों के शोध के बाद बढ़ाकर 10 दिन कर दी गई है, जिससे यह अधिक समय तक ताजा रह सकेगी। जीआई टैग और नई तकनीक के साथ कलाड़ी अब देश-विदेश के बाजारों में आसानी से पहुंचाई जा सकेगी और इसे वैश्विक पहचान मिलने की संभावना बढ़ गई है।
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उधमपुर की कलाड़ी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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उधमपुर जिले का पारंपरिक दूध उत्पाद कलाड़ी अब 10 दिनों तक तरोताजा बनी रहेगी। जीआई टैग मिलने के बाद वैज्ञानिकों ने इसकी शेल्फ लाइफ बढ़ाकर दस दिन तक कर ली है। इसके साथ ही ये राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फूड चेन का हिस्सा बनने के लिए तैयार है।

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डोगरा संस्कृति की पहचान कलाड़ी को मॉजरेला चीज भी कहा जाता है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की पहल पर मैसूरु स्थित सीएसआईआर-केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान व सीएसआईआर-आईआईआईएम जम्मू के वैज्ञानिकों ने इस पर शोध किया है। तीन माह के शोध में कलाड़ी की शेल्फ लाइफ 10 दिन बढ़ गई है।

ये अनुसंधान कुल छह माह चलेगा। इस दौरान कलाड़ी के मूल स्वरूप व स्वाद को बरकरार रखते हुए अधिक से अधिक दिनों तक किसी भी तापमान में सुरक्षित रखने पर काम होगा। शेल्फ लाइफ बढ़ने से इसे बड़े पैमाने पर पैकिंग के साथ देश-विदेश के बड़े बाजारों में आसानी से भेजा जा सकेगा। 
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कलाड़ी पर शोध में सकारात्मक नतीजे मिले हैं। मैसूरु स्थित सीएसआईआर-केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक अनुसंधान कर रहे हैं। अगले तीन महीने में कलाड़ी को अधिक से अधिक शेल्फ लाइफ उपलब्ध करवाने का प्रयास जारी है। - डॉ. जबीर अहमद, सीएसआईआर-आईआईआईएम जम्मू के निदेशक

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मन की बात में पीएम ने किया था जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में मन की बात कार्यक्रम में कलाड़ी का जिक्र किया था। उन्होंने इसे जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक और खाद्य विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया था।

विशेषज्ञों ने बताया कि कलाड़ी प्रोटीन, कैल्शियम और आवश्यक पोषक तत्वों का उत्कृष्ट स्रोत है। यह ऊर्जा प्रदान करता है। मांसपेशियों की वृद्धि में सहायक है। हड्डियों को मजबूत बनाता है। इसमें मौजूद प्रोटीन और वसा इसे पोषण से भरपूर पारंपरिक खाद्य पदार्थ बनाते हैं। कलाड़ी को आमतौर पर भूनकर या तलकर परोसा जाता है। वर्तमान में ये जम्मू ही नहीं, पंजाब में भी लोकप्रिय स्ट्रीट फूड बन रही है।
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