बैंक में जमा गाढ़ी कमाई को एटीएम से निकालना अब खतरे से खाली नहीं है। साइबर क्राइम का नया तरीका इजाद करते हुए लुटेरों ने बिना एटीएम कार्ड चुराए ही खाता धारकाें को लाखाें की चपत लगा दी है।
हफ्तों चक्कर काटने के बाद भी जब पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की तो न्यायालय के आदेश पर अब जाकर मामले दर्ज किए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं को एहतियात बरतने की सलाह देकर हालांकि जिला पुलिस ने घटनाओं की जांच तेज कर दी है।
शहर से सटे कंडी क्षेत्र के जुथाना गांव के रहने वाले नेकराज एक निजी स्कूल में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि 30 सितंबर की शाम तक उनके खाते मे 61 हजार 474 रुपये जमा थे। 1 अक्तूबर की सुबह जब मोबाइल पर उन्हें एटीएम इस्तेमाल के एसएमएस अलर्ट संदेश मिले तो उनके होश उड़ गए। उनके खाते में केवल 14.32 रुपये ही शेष रह गए थे।
उन्होंने फौरन राजबाग पुलिस थाने में शिकायत की लेकिन उन्हें कठुआ थाने भेज दिया गया। कठुआ थाने पहुंचे तो अपराध दिल्ली में हुआ बताकर एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
आखिरकार उन्होंने मामला चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट के समक्ष रखा। अदालत के निर्देश पर कठुआ पुलिस ने आरपीसी और आईटी एक्ट 2000 के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
इसके बाद शिवानगर के रहने वाले कमलजीत सिंह ने भी इसी तरह की शिकायत की। पेशे से शिक्षक कमलजीत सिंह ने बताया कि उनके बैंक खाते से 30 सितंबर से लेकर 3 अक्तूबर को रोजाना चालीस हजार रुपये निकाले जाते रहे।
जब पैसे निकलवाने की सीमा खत्म हो गई तो उनके एटीएम कार्ड की क्रेडिट सीमा का इस्तेमाल करते हुए 90 हजार रुपये का सामान खरीद लिया गया। दोनों ही मामलों में पैसे दिल्ली, गुड़गांव सहित आसपास के एटीएम से निकाले गए हैं।
कमलजीत ने बताया कि उनके मोबाइल में एसएमएस अलर्ट सेवा नहीं थी। उन्हें तब पता चला जब किसी अन्य व्यक्ति ने इसी तरह की घटना का शिकार होने की बात कही। संदेह होने पर उन्होंने खाता जांचा तो कुल ढाई लाख का नुकसान हो चुका था।