7 हजार की आबादी को मिलेगी बेहतर पेयजल आपूर्ति
गोल्डी शर्मा
कठुआ। हर घर नल से जल पहुंची जाने की कवायद के तहत जिला भर में ग्रामीण क्षेत्रों में ढांचागत विकास तेजी से जारी है। इस क्रम में शहर से सटे गांव गोविंदसर में ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य जोर शोर से जारी है। करीब एक करोड़ 40 लाख की लागत से बनने वाले दो अगल-अलग ओवरहेड टैंक के निर्माण कार्य का 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। जिससे ग्रामीणों को अब उम्मीद हो गई है दशकों से चली आ रही पेयजल समस्या का समाधान अब हो जाएंगा।
करीब 70 लाख की लागत से बनने वाले प्रत्येक ओवरहेड टैंक का निर्माण रेलवे स्टेशन से सटे गोविंदसर-ए पंचायत में करवाया जा रहा है। जबकि अन्य का निर्माण गोविंदसर-बी पंचायत के चक रिज्जू के नजदीक शिव मंदिर के नजदीक हो रहा है। संबंधित विभाग के अधिकारियों के अनुसार इन दोनों ओवरहेड टैंक का निर्माण अगले दो से तीन महीनों में पूरा कर लिया जाएंगा। इससे न केवल दशकों से चली आ रही पेयजल आपूर्ति का समस्या का हल होगा। बल्कि इससे सात हजार से ज्यादा की आबादी वाले इस गांव में बेहतर पेयजल आपूर्ति स्थापित की जाएंगी। लगभग 25 मीटर की ऊंचाई पर बन रहे ओवरहेड टैंक जो मौजूदा समय में ने केवल सात हजार की आबादी की पेयजल आपूर्ति करेगा। बल्कि भविष्य में 2035 तक यह निर्माणाधीन टैंक नौ हजार तक की आबादी पानी पिलाने में सक्षम होंगे।
....निर्माणाधीन टैंकों से प्रत्येक व्यक्ति को मिलेगा 50 लीटर पानी
गोविंदसर में बन रहे ओवरहेड टैंकों का काम पूरा होने से न केबल मौजूदा समय में प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 50 लीटर पेयजल पानी की आपूर्ति की जाएंगी। बल्कि भविष्य में 2035 तक इन टैंकों से प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 50 लीटर पानी उपलब्ध करवाने क्षमता होगी। अभी तक पूरे गांव में विभिन्न ट्यूबवेलों से सबमर्सिबल पंपों की मदद से सीधा पानी उपलब्ध करवाया जा रहा था। जिससे आए दिन इन पंपों के खराब होने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित रहती थी। जो इन ओवरहेड टैंकों से बनने से समस्या खत्म हो जाएंगी और इसका स्थानीय लोगों को लाभ मिलेंगा।
लगभग 1 करोड़ 40 लाख की लागत से बनने वाले दो ओवरहेड टैंकों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा। जिसे अगले कुछ महीनों में पूरा कर लिया जाएगा। हम कोशिश कर रहे है कि जहां-जहां भी ट्यूबवेलों में लगे सबमर्सिबल पंपों की मदद से सीधी जलापूर्ति हो रही है। विभाग वहां-वहां ओवर हेड टैंक का निर्माण कर इनसे पानी सप्लाई दी जाए, ताकि स्थानीय लोगों को कोई असुविधा न हो।
हिमांशु वर्मा, सहायक कार्यकारी अभियंता, जलशक्ति विभाग कठुआ।
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