फाॅरेस्ट प्राेटेक्शन फोर्स के अधिकारी पकड़ी गई खेप की जांच करते हुए। संवाद
- तस्करों ने बदला पैंतरा, अब विलो की जगह अर्ध निर्मित बैट दिखाकर धूल झोंकने का प्रयास
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। फारेस्ट प्रोटेक्शन फोर्स की टीम ने अर्ध निर्मित बैट की तस्करी का भंडाफोड़ किया है। विभाग के अनुसार 4400 अर्धनिर्मित बैट की खेप को बरामद कर संबंधित नियमों के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है।
यह कार्रवाई विभाग के उपनिदेशक धर्मेंद्र शर्मा की देखरेख में अंजाम दी गई। इस संबंध में फारेस्ट प्रोटेक्शन फोर्स के सहायक निदेशक राजेश कुमार ने बताया कि दो दिन पूर्व विभाग ने कठुआ औद्योगिक क्षेत्र में एक गाड़ी को इंटरसेप्ट किया। पूर्व सूचना के आधार पर इसे रोककर जांच की गई। जांच के दौरान इसमें अर्ध निर्मित बैट की खेप पाई गई। जिसके बाद इस संबंध में सिकॉप महाप्रबंधक को इसकी तस्दीक करने के लिए लिखा गया। उन्होंने बताया कि जांच के बाद यह पाया गया है कि यह विलाे तस्करी से जुड़ा मामला है।
जम्मू-कश्मीर विलो एक्सपोर्ट और मूवमेंट एक्ट के तहत इसके प्रदेश से बाहर ले जाने पर रोक है। लिहाजा वाहन को जब्त कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारी ने बताया कि वाहन के दस्तावेज जम्मू-कश्मीर में 20 अलग-अलग लोगों से सामान की उत्तर प्रदेश के मेरठ में 20 अलग-अलग लोगों को सप्लाई बता रहे हैं। उन्होंने बताया कि विलो पर कड़ी निगरानी को देखते हुए तस्करों ने अपना पैंतरा बदला है। लेकिन मामले पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस तरह के मामलों पर विशेष रूप से कार्रवाई भविष्य में भी सुनिश्चित की जाएगी।