बसोहली उत्सव के दौरान कंचे खेलते युवा। विज्ञप्ति
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध बसोहली महोत्सव की शुरुआत सोमवार को पारंपरिक उत्साह और रंगों के साथ हुई। महोत्सव के पहले दिन पारंपरिक खेलों रस्साकशी, गीतियां और कंचे के आयोजन ने स्थानीय संस्कृति को जीवंत कर दिया। कुल 97 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और खेल भावना का परिचय दिया। खेल गतिविधियों का उद्घाटन भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के निदेशक शक्ति पाठक ने किया।
इस दौरान कंचे में 25 बालकों ने भाग लेकर कौशल दिखाया। गिट्टीयां में 12 बालिकाओं ने पारंपरिक खेल में प्रतिभा का प्रदर्शन किया। जबकि रस्साकशी में 60 बालकों ने टीम भावना और ताकत का शानदार प्रदर्शन किया।
महोत्सव का आयोजन युवा सेवा एवं खेल निदेशक जम्मू तथा जिला अधिकारी सुनील सिंह सम्ब्याल के मार्गदर्शन में संपन्न हो रहा है। जबकि कार्यक्रम को सफल बनाने में क्षेत्रीय शारीरिक शिक्षा अधिकारी तारा सिंह और उनकी टीम ने पूर्ण सहयोग प्रदान किया। युवा सेवा एवं खेल विभाग के जिला अधिकारी सुनील सिंह सम्ब्याल ने बताया कि बसोहली महोत्सव का उद्देश्य पारंपरिक खेलों को पुनर्जीवित करना, युवाओं में सांस्कृतिक चेतना जगाना और सामुदायिक एकता को बढ़ावा देना है। यह आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि क्षेत्रीय गौरव और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती प्रदान करता है।